अबकी बार साठ पार के संकल्प के साथ चुनाव मैदान में उतरी भाजपा की कई सीटों पर बगावत से हवा खिसक गई है। 14 विधानसभा सीटों पर पार्टी लाइन से बाहर जाकर अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है। अब इस बगावत के मर्ज से बचने के लिए भाजपा दवा की तलाश में जुट गई है। सत्ता में आने के बाद सरकार में दायित्व और संगठन में अहम जिम्मेदारियों की दवा से बगावत के मर्ज का इलाज करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
सभी 70 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के बाद अब भाजपा के सामने 14 विधानसभा सीटों पर खड़े बागी प्रत्याशियों को चुनाव में जाने से रोकने की चुनौती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बागियों के चुनाव मैदान में होने से भाजपा प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। पार्टी प्रत्याशी की राह को निष्कंटक बनाने के लिए भाजपा ने अपने सभी दिग्गजों को झोंक दिया है। बागियों को मनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्रियों, सांसदों, केंद्रीय नेताओं तक को मैदान में उतार दिया गया है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कौशिक कहते हैं, सभी लोग हमारे संपर्क में है और हमें पूरा भरोसा है कि नामांकन वापसी तक वे मान जाएंगे। उधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ सीटों पर भाजपा को बगावत थामने में बेशक सफलता मिल जाए, लेकिन ज्यादातर पर उसकी मुश्किलें बनी रह सकती हैं। पार्टी की ओर से हो रही कोशिशों से साफ जाहिर है कि 31 जनवरी नामांकन वापसी तक पार्टी बागियों को मनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही है।
जरूरत पड़ी तो शाह और नड्डा भी करेंगे बात
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बागियों को मनाने के लिए पार्टी हरसंभव कोशिश करेगी। आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी बागियों से बात कर सकते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने नामांकन वापसी तक सभी बागियों को मना लेने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता उन सभी नेताओं से संपर्क में हैं, जिन्होंने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। बकौल कौशिक, हमें पूरा यकीन है कि सभी लोग राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले का सम्मान करेंगे और मान जाएंगे।
भाजपा के इन बागियों को मनाने की चुनौती
विधानसभा सीट - प्रत्याशी
डोईवाला - जितेंद्र नेगी व सौरभ थपलियाल
धनोल्टी - महावीर सिंह रांगड
कालाढूंगी - गजराज सिंह बिष्ट
देहरादून कैंट - दिनेश रावत
धर्मपुर - वीर सिंह पंवार
कर्णप्रयाग - टीका प्रसाद मैखुरी
कोटद्वार - धीरेंद्र सिंह चौहान
भीमताल -मनोज शाह
घनसाली - सोहन लाल खंडेवाल व दर्शन लाल आर्य
यमुनोत्री - जगवीर सिंह भंडारी
रुड़की - नीतिन शर्मा
पिरानकलियर -जय भगवान
लक्सर - अजय वर्मा
नैनीताल - हेम आर्य
ये विधायक छोड़ चुके पार्टी
तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा को बड़ा झटका लगा है। तीनों सीटों के पार्टी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें रुद्रपुर से विधायक राजकुमार ठुकराल ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय पर्चा भरा है। नरेंद्रनगर में पार्टी प्रत्याशी सुबोध उनियाल के खिलाफ बगावत कर ओम गोपाल रावत कांग्रेस के प्रत्याशी बन चुके हैं। टिहरी सीट के विधायक धन सिंह नेगी ने भी भाजपा छोड़ दी है और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।