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Uttarakhand Assembly Election 2022: जीत के लिए भाजपा प्रत्याशी जप रहे राम का नाम और मोदी का काम

Fri, 11 Feb 2022 02:57 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

भाजपा के प्रचार से इतना तो साफ हो गया है कि राम के नाम और मोदी के काम का जिक्र करना उसे न सिर्फ जरूरी लग रहा है, बल्कि उसकी मजबूरी भी नजर आ रहा है।
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उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : एएनआई फाइल फोटो
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विस्तार
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जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे... यह गीत उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार का थीम सोंग बन गया है। 70 विधानसभा सीटों पर शायद ही भाजपा का कोई उम्मीदवार होगा, जिसने प्रचार के लिए इस गीत का सहारा न लिया हो।

मोदी का काम का जिक्र करना मजबूरी भी

गीत के जरिये चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं के दिलों में उतरने की प्रत्याशियों की इच्छा किस हद तक पूरी होगी, यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन भाजपा के प्रचार से इतना तो साफ हो गया है कि राम के नाम और मोदी के काम का जिक्र करना उसे न सिर्फ जरूरी लग रहा है, बल्कि उसकी मजबूरी भी नजर आ रहा है।

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पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, तकरीबन सभी प्रत्याशियों की यह मांग है कि पीएम मोदी उनके चुनाव क्षेत्र में कम से कम एक चुनावी सभा अवश्य करें। इसलिए पार्टी ने रणनीतिक तरीके से पीएम मोदी की श्रीनगर, अल्मोड़ा और रुद्रपुर में जनसभाएं रखीं। इन सभी जनसभाओं का ऐसा नेटवर्क बनाया गया है कि जनसभा के आसपास की सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी जनता वर्चुअल माध्यम से मोदी को सुन सके।

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मोदी-धामी की डबल इंजन सरकार का काम प्रचार का मुख्य हथियार

भाजपा और उसके प्रत्याशियों को उम्मीद है कि मोदी के आने से उनके चुनाव क्षेत्र की हवा बदलेगी और उन्हें इसका फायदा मिलेगा। प्रचार में भाजपा प्रत्याशियों ने मोदी-धामी की डबल इंजन सरकार के काम को प्रचार का मुख्य हथियार बनाया है। जानकार मानते हैं कि इस काम से भी ज्यादा बड़ा इंतजाम पार्टी अपने हिंदुत्व एजेंडे के जरिये कर रही है।

पूरे गढ़वाल, देहरादून व हरिद्वार जिले, कोटद्वार व टिहरी विधानसभा क्षेत्रों के अलावा नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में पार्टी इस एजेंडे पर डटी है। प्रचार के अंतिम दौर में अपने फायर ब्रांड नेता यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मैदान में उतारने के पीछे भी पार्टी की यही रणनीति मानी जा रही है। योगी की रुड़की, कोटद्वार और टिहरी में जनसभाएं रखी गई हैं।

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहसपुर चुनाव क्षेत्र में जनसभा करेंगे। इस सीट पर अल्पसंख्यक मतदाताओं की खासी संख्या है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फरवरी को रुद्रपुर में गरजेंगे। शुक्रवार को ही सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर चर्चित असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मैदान में उतारे जा रहे हैं। उन्हें रणनीतिक तरीके से किच्छा और कैंट विस क्षेत्र में प्रचार के लिए उतारा जा रहा है। इन सभी जगहों पर अल्पसंख्यक मतदाता एक अहम फैक्टर है। कुल मिलाकर इससे कांग्रेस भी अछूती नहीं रही है।

कांग्रेस पर हिंदुत्व एजेंडे का दबाव

चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस से दिग्गज स्टार प्रचारक राहुल गांधी का गंगा आरती और आचमन करने का प्रदर्शन दरअसल भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे का दबाव ही माना जाता है।
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