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Uttarakhand BJP Candidate: भाजपा में असंतोष का तूफान, टिकट कटने से टूटे अरमान, परिवारवाद के खिलाफ उठी आवाज

Sun, 23 Jan 2022 12:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

परिवार के लोगों को टिकट दिए जाने के विरोध में देहरादून कैंट, काशीपुर विधानसभा सीट पर भी खुलकर नाराजगी सामने आई है। कुछ सीटों पर नाराज दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी तक दे डाली है।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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टिकट काटे जाने और टिकट के अरमान टूटने से भाजपा में दावेदारों और उनके समर्थकों की नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। परिवार के लोगों को टिकट दिए जाने के विरोध में देहरादून कैंट, काशीपुर विधानसभा सीट पर भी खुलकर नाराजगी सामने आई है। कुछ सीटों पर नाराज दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी तक दे डाली है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों का असंतोष भाजपा मुख्यालय तक पहुंच गया है। शनिवार को महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से पूछा कि पार्टी ने मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी का टिकट क्यों काटा? उन्होंने संगठन से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

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इस बीच रुद्रपुर से पार्टी के दो बार के विधायक राजकुमार ठुकराल भी राजधानी पहुंचे। उनकी सीट पर अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। भाजपा के हलकों में इस बार ठुकराल का टिकट काटे जाने की चर्चाएं गरम हैं। इसकी वजह एक कथित विवादित बयान की वीडियो क्लिप मानी जा रही है, जिसे केंद्रीय नेताओं तक पहुंचाया गया है। ठुकराल शनिवार को पहले पार्टी मुख्यालय में प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार से मिले। उन्होंने सांसद नरेश बंसल से भी भेंट की। बाद में उन्होंने प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दरवाजे पर भी दस्तक दी और टिकट न काटे जाने का अनुरोध किया। बकौल ठुकराल, मैंने सभी वरिष्ठ नेताओं से विनम्र आग्रह किया है कि मेरा टिकट नहीं काटा जाए। बाकी पार्टी को निर्णय करना है। लेकिन मेरे बारे में जो भी कहा जा रहा है, वह पूरी तरह से मिथ्या और निराधार है।

भरोसा लेकर लौटी महिला मोर्चा की पदाधिकारी

शनिवार को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री अनु कक्कड़ के नेतृत्व में मोर्चा पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश पार्टी कार्यालय पहुंचा। उन्होंने प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को टिकट न दिए जाने से उत्तराखंड राज्य की महिला मोर्चा व सभी सदस्य आहत हैं। मोर्चा की अध्यक्ष निरंतर अपने कार्यों को मनोयोग से पूर्ण कर रही हैं। उन्होंने संगठन से निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। प्रदेश महामंत्री संगठन ने आश्वस्त किया कि भविष्य में जो भी फैसला होगा उनके हित के लिए ही होगा और संगठन भी उनके लिए बराबर चिंता कर रहा है। प्रदेश महिला मोर्चा के उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया, प्रदेश उपाध्यक्ष कंचन ठाकुर, प्रदेश मंत्री भावना शर्मा, बबीता सहोत्रा, नंदिनी शर्मा शामिल थीं।

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परिवारवाद के खिलाफ मोर्चा खोला

भाजपा ने टिकटों के आवंटन में बेशक एक परिवार एक टिकट का सिद्धांत कड़ाई से लागू किया, लेकिन वह परिवारवाद से नहीं बच पाई। पार्टी ने काशीपुर में विधायक हरभजन सिंह चीमा के बेटे त्रिलोक सिंह चीमा को टिकट दिया। इस सीट पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है।

देहरादून कैंट सीट पर पार्टी ने विधायक रहे स्वर्गीय हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को उम्मीदवार बनाया। इस फैसले के खिलाफ कुछ दावेदार खुलकर सामने आ गए हैं। इसके अलावा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी को टिकट दिए जाने से भी कई पार्टी कार्यकर्ता असहज हैं। झबरेड़ा में टिकट कटने के डर से विधायक देशराज कर्णवाल पत्नी को उम्मीदवार बनाने की वकालत कर रहे हैं। लेकिन उनके विरोध में उतरा खेमा पार्टी पर दबाव बना रहा है कि परिवारवाद को बढ़ावा न दिया जाए।

कोई नाराजगी नहीं हैं। सभी परिवार के लोग हैं। वे जानते हैं कि टिकट एक ही व्यक्ति को मिल सकता है। हमें पूरी आशा है कि वे केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को स्वीकार करते हुए चुनाव में भाजपा को विजयी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
- सुरेश जोशी, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

सभी लोगों से बातचीत हो रही है। वे सभी हमारे वरिष्ठ नेता हैं। असंतोष जैसी कोई बात नहीं है। सभी पार्टी को चुनाव जिताने के काम करेंगे।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
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