भाजपा ने टिकटों के आवंटन में बेशक एक परिवार एक टिकट का सिद्धांत कड़ाई से लागू किया, लेकिन वह परिवारवाद से नहीं बच पाई। पार्टी ने काशीपुर में विधायक हरभजन सिंह चीमा के बेटे त्रिलोक सिंह चीमा को टिकट दिया। इस सीट पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है।
देहरादून कैंट सीट पर पार्टी ने विधायक रहे स्वर्गीय हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को उम्मीदवार बनाया। इस फैसले के खिलाफ कुछ दावेदार खुलकर सामने आ गए हैं। इसके अलावा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी को टिकट दिए जाने से भी कई पार्टी कार्यकर्ता असहज हैं। झबरेड़ा में टिकट कटने के डर से विधायक देशराज कर्णवाल पत्नी को उम्मीदवार बनाने की वकालत कर रहे हैं। लेकिन उनके विरोध में उतरा खेमा पार्टी पर दबाव बना रहा है कि परिवारवाद को बढ़ावा न दिया जाए।
कोई नाराजगी नहीं हैं। सभी परिवार के लोग हैं। वे जानते हैं कि टिकट एक ही व्यक्ति को मिल सकता है। हमें पूरी आशा है कि वे केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को स्वीकार करते हुए चुनाव में भाजपा को विजयी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
- सुरेश जोशी, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
सभी लोगों से बातचीत हो रही है। वे सभी हमारे वरिष्ठ नेता हैं। असंतोष जैसी कोई बात नहीं है। सभी पार्टी को चुनाव जिताने के काम करेंगे।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा