उम्मीदवार विद्या के मुताबिक प्रदेश में सहायक अध्यापक के पदों पर प्रदेश में अब तक जितनी भी भर्तियां हुईं, किसी में भी फाइन आर्ट्स के उम्मीदवारों के लिए बीएड अनिवार्य नहीं था, लेकिन हाल ही में नियमावली में बदलाव कर शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे प्रदेश के हजारों उम्मीदवारों के लिए रास्ता बंद कर दिया गया है।
उधर, राज्य युवा कल्याण परिषद् के पूर्व उपाध्यक्ष रविंद्र जुगरान ने कहा कि शिक्षा विभाग बीएड को भविष्य के लिए अनिवार्य करे, लेकिन वर्तमान में बेरोजगारों की समस्या को देखते हुए नियमावली में एक बार फिर से बदलाव किया जाना चाहिए।
इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् को पत्र लिखा जा चुका है। इसे मंजूरी मिलने से ड्राइंग एवं फाइन आर्ट्स से एमए करने वाले उम्मीदवारों का शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
-आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक