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आओ कैरियर संवारेः आप बापू को पढ़ेंगे तो रोजगार की चिंता स्वत: खत्म हो जाएगी, जानिए कैसे

Mon, 09 Mar 2020 03:24 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
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महात्मा गांधी - फोटो : फाइल फोटो
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बढ़ती आबादी के साथ साथ देश में रोजगार का संकट भी गहरा रहा है। तमाम युवाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू किया है तो कुछ ने अपनी फील्ड बदली है। फील्ड बदलकर पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं रही, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन एंड पीस स्टडीज में आपका दाखिला हो गया तो समझो रोजगार की चिंता खत्म हो गई। यहां से 48 साल में निकले लगभग 1100 विद्यार्थियों में से 950 से अधिक को नौकरियां मिली हैं।
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कोई प्रशासनिक अफसर बना तो कोई जज। ईरान, कोरिया, थाईलैंड, नाइजीरिया के विद्यार्थियों ने भी यहां से पीएचडी की है। वह भी अपने अपने देशों में वाइस चांसलर तक बने हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्ष 1970 तक राजनीतिक विज्ञान के साथ विद्यार्थियों को गांधी दर्शन का पाठ पढ़ाया गया। इसके बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर स्टडी के लिए अलग से डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन एंड पीस स्टडीज की शुरुआत हुई। इसके लिए अनोखा गांधी भवन पीयू में तैयार हुआ।

इस भवन में गांधी दर्शन से जुड़ी हर चीज विद्यमान है। यहां शुरूआत में 20 सीटों के लिए एमए की पढ़ाई शुरू हुई। धीरे धीरे देश में युवाओं को रोजगार मिलता गया और डिमांड के आधार पर एमफिल, पीएचडी शुरू कर दी गई। वर्तमान में एमए में 44 सीटें हैं। एमफिल में 10 व पीएचडी में 12 सीट हैं। यहां विभिन्न सेक्टर से जुड़े विद्यार्थी एडमिशन के लिए आते हैं। पासआउट होते होते वह गांधी के प्रिंसिपल को अपनाते हुए आगे बढ़ते हैं।
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रोजगार के आंकड़ों को देखते हुए आज इस विभाग में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत 11 राज्यों के विद्यार्थी एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं। हर साल एमए की 44 सीटों के लिए 500 से अधिक आवेदन आते हैं। मई जून में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होती है जो प्रवेश परीक्षा के जरिये होती है। रिसर्च के लिए विदेशी स्टूडेंट्स की भी भरमार रहती है।
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इन्होंने देश दुनिया में बजाया डंका

इसी विभाग से पढ़े छात्र हरकृपाल खटाना गुजरात में कमिश्नर हैं। इसी तरह नीरू ठाकुर जज, अजीत अत्री चंडीगढ़ में सेशन जज हैं। यूथ सत्ता नामक एनजीओ खोलकर प्रमोद दर्जनों लोगों को गांधी का पाठ पढ़ा रहे हैं। पूर्व छात्र वसीम, प्रियवर्ती आदि ने भी एनजीओ खोल लिया जो दूसरे विद्यार्थियों को रोजगार दे रहे हैं। यहां से पास आउट महमूद ईरान में ही आजाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर हैं। इसके अलावा भी सैकड़ों विद्यार्थी विभिन्न सेक्टरों में धूम मचा रहे हैं।

एमए में एडमिशन के लिए 500 से अधिक आवेदन आते हैं। प्रवेश परीक्षा के जरिये प्रवेश होते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि युवा गांधी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं। वह दूसरों को भी जागरूक कर रहे हैं। गांधीयन विभाग से एमए करने के बाद नौकरी के सभी क्षेत्रों में अवसर हैं।
- डॉ. मनीष शर्मा, चेयरमैन, डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन एंड पीस स्टडीज पीयू
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