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66 साल की उम्र में बन गईं योगा 'मास्टर'

Tue, 11 Nov 2014 04:23 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर
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कहते हैं, पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। इसे सच कर दिखाया है, 66 वर्षीय ऊषा कुमारी ने। मां का हौसला देख बेटी आरती ने भी मास्टर डिग्री हासिल की।
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आज के दौरे में योग की महत्ता को समझते हुए ओमेक्स कॉलोनी निवासी 66 वर्षीय ऊषा कुमारी ने योग में पढ़ाई करने का निर्णय लिया और मन की बात अपनी बेटी आरती से की। इसके बाद आरती भी तैयार हो गई। दोनों ने योग में एक साथ पढ़ाई करने का निर्णय लिया।

मां-बेटी ने जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनू राजस्थान में दो वर्ष पूर्व एडमिशन लिया। दो वर्ष की कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद मां-बेटी ने जीवन विज्ञान प्रेक्षा ध्यान एवं योगा (साइंस ऑफ लिविंग + प्रेक्षा मेडिटेशन एंड योगा) में मास्टर डिग्री प्रथम श्रेणी में हासिल की।
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प्रथम श्रेणी में हासिल की मास्टर डिग्री

41 वर्षीय आरती ने बताया कि योग तो वह पिछले 15 वर्षों से कर रही हैं और आस-पास के लोगों को भी योग के लिए प्रेरित करती हैं। इसके अलावा उनकी मां भी योग करती हैं। मगर कभी इसे उन्होंने अध्ययन अथवा पढ़ाई का जरिया नहीं बनाया।

एक दिन मां ने जब योगा में पढ़ाई करने की बात उससे कही, तब उन्होंने योग में मास्टर डिग्री लेने का निर्णय लिया। इस तरह से दोनों ने एक साथ प्रथम श्रेणी में मास्टर डिग्री हासिल की।

आरती ने बताया कि उनके पति रोहित चौधरी यहां नेस्ले फैक्ट्री में काम करते हैं। जबकि सास कुसुम और ससुर जयपाल सिंह रुड़की में रहते हैं। आरती ने बताया कि वह अपनी कालोनी की महिलाओं को योग सीखने के लिए प्रेरित करती रहती हैं।
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