संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंह चौहान ने कहा कि मंगलवार को कर्मचारी शहर में रैली निकालकर डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन देंगे, जबकि शाम को कनक चौक होते हुए लैंसडौन चौक तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। प्रदर्शनकारियों में संरक्षक भावेश जगुड़ी, हेमंत रावत, राकेश, ज्योति, अभिनव जोशी, विनोद गोदियाल, विद्या सागर धस्माना, दिनेश रावत, महेश भट्ट, कुशाग्र जोशी, रमेश रावत और हरीश कोठारी शामिल रहे।
कर्मचारी वर्ष 2014 से लंबित मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं। वर्ष 2016 में पहले 19 और फिर 21 दिन की हड़ताल के बाद सरकार ने सात वर्ष की सेवा वाले कर्मियों को विभागीय संविदा पर रखने का शासनादेश जारी किया था, लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला। अब भाजपा सरकार ने अपने एजेंडे में उपनलकर्मियोें को सौ दिन के भीतर सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक वेतन देने का वादा किया था, इस पर भी कुछ नहीं हुआ। -दीपक सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष, उपनल कर्मचारी महासंघ
ये हैं महासंघ की लंबित मांगें
- समान कार्य के लिए समान वेतन या न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये की जाए
- जिन पदों पर उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं, उन पदों को सृजित किया जाए
- कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए नियमावली बनाई जाए
उक्रांद ने उपनलकर्मियों को दिया समर्थन
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने उपनल कर्मियों के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया है। उक्रांद के महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहा कि सरकार को उपनलकर्मियों की समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मियों के समर्थन में 10 जनवरी को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया जाएगा।