यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) के छात्रों ने अमेरिका के तरलेटो विश्वविद्यालय में आयोजित ‘अस्ट्रल को केनसेट’ में पूरी दुनिया में पहला स्थान पाकर देश का तिरंगा अमेरिका में लहराया है।
इस प्रतियोगिता में छात्रों के बीच अंतरिक्ष संबंधी विषयों के डिजाइन, निर्माण और प्रक्षेपण का मुकाबला हुआ। यूपीईएस इस प्रतियोगिता को 19 साल के इतिहास में जीतने वाले देश की पहली टीम बन गई है।
यूपीईएस के निदेशक मीडिया अफेयर्स अरुण ढांड के मुताबिक यह उपलब्धि न सिर्फ यूपीईएस की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर एक विशेष मान्यता प्रदान करती है बल्कि उत्तराखंड की प्रसिद्धि व देश का गौरव भी बढ़ाती है। फरवरी 2017 में विश्व के विभिन्न विवि एवं उच्च शिक्षा संस्थानों से 92 टीमों ने इस प्रतिस्पर्धा में अपनी टीमों को पंजीकृत कराया था।
40 टीमें ही प्रतिस्पर्धा के अंतिम दौर में पहुंची
upes student
जून 2017 तक प्रारंभिक डिजाइन समीक्षा के चरण के बाद केवल 40 टीमें ही प्रतिस्पर्धा के अंतिम दौर में पहुंच पाई। प्रतिस्पर्धा के दो सबसे महत्वपूर्ण चरण क्रिटिकल डिजाइन समीक्षा और उड़ान पूर्व समीक्षा रहे।
अरुण ढांड ने बताया कि केनसेट की शुरुआत वर्ष 1998 में हुई थी। प्रतियोगिता में टीमों को ऐसा सूक्ष्म उपग्रह बनाना था, जो की 66 एमएम व्यास व 115 एमएम ऊंचे एक सोडा केन में रखा जा सके।
उस उपग्रह एवं केन का मास 350 ग्राम से कम रखना होता था। इस प्रतिस्पर्धा का आयोजन अमेरीकन एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी और अमेरीकन एयरोनॉटिकल व एस्ट्रोनॉटिक्स संस्थान नासा की जेट पॉपुलेशन प्रयोगशाला आदि कराती हैं। सभी टीमों के रॉकेट एक-एक कर के लांच किए गए। यूपीईएस में इसमें बाजी मारी। इस में यूपीईएस के 23 छात्र शामिल थे।
टीच का स्कोर 98.3 प्रतिशत रहा। डा. उगुर गुवेन और जोजिमस डी लाबाना, डा. सोमियाजी घोषाल, सोमचंद्र सावरकार, डा. पीयूष कुच्छल, डा. पीयूष दुआ का विशेष योगदान रहा।
इस टीम को मिला पुरस्कार
आकाश शर्मा, मीनाक्षी तलवार, आयुष अग्रहरी, प्रद्युम्मा नारायण तिवारी, राहुल राज व प्रितिश राज, अर्पित जैन, अरुण, विपुल मनी, सुधर्षण पार्थ सारथी, पूजा दहिया, अनमोल अगर्वाल, मोनिका शर्मा, तावीशे गुप्ता, उत्सव नगलिया, मृदुल सेनगुप्ता, राघव गर्ग, विभोर करनावट, कविता वेणुगोपालन, अनिशा अबसोलोम, प्रतिभा मोटवानी, देवरिशी दीक्षित, संदीप जंगीर।