फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवक्ता पर गिरी UPCL MD के सीडी कांड की गाज

Fri, 03 Jun 2016 11:00 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
ऑफिस - फोटो : demo pics
विज्ञापन
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के एमडी एसएस यादव से जुड़ी विवादित सीडी पर हुई किरकिरी का ठीकरा कारपोरेशन के प्रवक्ता मधुसूदन पर फोड़ दिया गया। उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है।
विज्ञापन


उनके स्थान पर निदेशक (एचआर) पीसी ध्यानी को प्रवक्ता बनाया गया है। हालांकि, यूपीसीएल के एमडी एसएस यादव इसे रुटीन में किया गया फेरबदल बता रहे हैं। उधर, बृहस्पतिवार दिनभर यूपीसीएल में कई तरह की चर्चाओं से माहौल गरमाया रहा। यूपीसीएल कर्मी भी दबी जुबान कह रहे हैं कि इससे पूरे महकमे की किरकिरी हुई है। ऐसे में सीडी कांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

गौरतलब है कि बुधवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने प्रेस कांफ्रेंस जारी कर यूपीसीएल के एमडी एसएस यादव की एक सीडी सार्वजनिक की थी। सीडी में यादव रुपयों से भरा पैकेट उठाते दिख रहे हैं। हालांकि गोयल ने यह जानकारी नहीं दी थी कि यह सीडी किसी ने बनाई? यह सीडी कब बनाई गई? उन्होंने कहा था कि यह सीडी उनको एक शुभचिंतक ने उपलब्ध कराई है।
विज्ञापन


उसका नाम सार्वजनिक करने से उसकी जान को खतरा हो सकता है। यूपीसीएल के एमडी की सीडी से संबंधित खबर बृहस्पतिवार को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। खबरें प्रकाशित होने की गाज यूपीसीएल के प्रवक्ता पर गिरी है। यूपीसीएल के एमडी एसएस यादव ने कारपोरेशन के प्रवक्ता की जिम्मेदारी निदेशक (एचआर) पीसी ध्यानी को सौंप दी है।

अभी तक प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभालने वाले मधुसूदन को उनके साथ अटैच कर दिया गया है। हालांकि यूपीसीएल के एमडी ने इस बात से इंकार किया कि यह फेरबदल सीडी वाले मामले की वजह से की गई है। यादव ने बताया कि यह रूटीन विभागीय फेरबदल है।

विवादों से रहा है पीसी ध्यानी का नाता
यूपीसीएल के निदेशक (एचआर) पीसी ध्यानी लंबे समय से विवादों के घेरे में रहे हैं। शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ कई जांच भी चली। बृहस्पतिवार को भाजपा नेता रवींद्र जुगरान ने मुख्य सचिव से ध्यानी की शिकायत कर उनके मामले की जांच सीबीसीआईडी या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराए जाने की मांग की है। जुगरान का कहना है कि जब तक ध्यानी के खिलाफ जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक उनको दायित्वों से मुक्त रखा जाए।

जुगरान ने प्रमुख सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि पीसी ध्यानी यूपीसीएल से पहले पिटकुल में महाप्रबंधक (एचआर) थे। ध्यानी यूपीसीएल में कार्यरत एकमात्र ऐसे कर्मचारी हैं जो 2001 में लिपिक थे और 2016 में निदेशक (एचआर) बन गए। उनका कहना है कि श्रीनगर गढ़वाल में तैनाती होते हुए भी ध्यानी ने बिना अवकाश लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से एलएलबी की डिग्री संस्थागत छात्र के रूप में हासिल की। पुलिस द्वारा भी उनकी डिग्री की जांच की गई है।

पुलिस ने उनकी डिग्री को सही बताया है। जुगरान ने कहा कि ध्यानी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी हैं। एसोसिएशन की आड़ में वो नियम विरुद्ध कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ध्यानी की कई बार शिकायत की गई। शिकायतों की जांच के लिए निगम प्रबंधन को निर्देशित किया जाता रहा है। आरोप है कि निगम प्रबंधन द्वारा जांच में शिकायतों को रफा दफा कर दिया जाता है। इसलिए ध्यानी के मामले की जांच सीबीसीआईडी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।

मेरे खिलाफ कोई भी जांच लंबित नहीं है। प्रबंधन के स्तर पर कई बार जांच कराई जा चुकी है। मुझे मेरी योग्यता के आधार पर पदोन्नति मिली है। एलएलबी की पढ़ाई करने के लिए मैंने विभाग से अनुमति ली थी। मेरे खिलाफ कुछ लोग जानबूझ कर आरोप लगा रहे हैं। अभी आरोप गलत हैं।
विज्ञापन

- पीसी ध्यानी, निदेशक (एचआर) यूपीसीएल

ध्यानी के खिलाफ कोई भी जांच लंबित नहीं है। उनको यूपीसीएल के प्रवक्ता की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- एसएस यादव, एमडी यूपीसीएल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें