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बिजली ने सताया तो उत्तराखंड पॉपर कॉरपोरेशन देगा हर्जाना

Thu, 16 Jun 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • विद्युत नियामक आयोग का उपभोक्ताओं की जागरूकता पर जोर 
  • नया कनेक्शन, फ्यूज उड़ने समेत कई कार्यों की तय की डेडलाइन 
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यूपीसीएल के चेयरमैन सुभाष कुमार, साथ में है सदस्य केपी सिंह - फोटो : अमरउजाला
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विस्तार
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बिजली से जुड़ी सेवाएं तय समय पर नहीं मिलें तो आप हर्जाना पाने के हकदार हैं। हर्जाने की धनराशि उत्तराखंड पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को वहन करनी होगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस प्रावधान को जिलाधिकारियों के सहयोग से सख्ती से लागू कराने का निर्णय लिया है।
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बुधवार को आयोग के चेयरमैन सुभाष कुमार ने आईएसबीटी स्थित कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उपभोक्ताओं के हितों के प्रति यूपीसीएल को और अधिक पेशेवर व जिम्मेदार बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग पुराने प्रावधानों में कुछ बदलाव कर उन्हें सख्ती से लागू करने जा रहा है।

आयोग ने विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ता की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी यूपीसीएल को दिए हैं। इसके तहत निर्धारित समय में काम नहीं होने पर यूपीसीएल को उपभोक्ता को हर्जाना देना होगा। यूपीसीएल अधिकारियों की ओर से हर्जाना नहीं मिलने की स्थिति में उपभोक्ता विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में शिकायत कर सकते हैं।
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चेयरमैन ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि प्रदेश में अब तक स्थापित दो मंचों से ज्यादातर मामलों में फैसला उपभोक्ताओं के हित में हुआ है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार और रुद्रपुर जोन में दो नए मंच स्थापित हुए हैं।
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हर्जाने के लिए ये हैं प्रावधान

बिजली - फोटो : अमर उजाला
उपभोक्ता के आवेदन करने से 30 दिन के भीतर नया कनेक्शन देना होगा। अगर वहां यूपीसीएल का कोई तकनीकी विस्तार अपेक्षित है तो इस स्थिति में समय सीमा 90 दिन तक होगी। इसमें सिर्फ जुर्माने का प्रावधान है। जबकि फ्यूज उड़ने पर शहर में चार और गांव में छह घंटे के अंदर उसे ठीक करना होगा।

लाइन टूटने या उसके पोल से निकल जाने पर शहर में छह और गांव में 12 घंटे में उसे सही करना पड़ेगा। वहीं ट्रांसफार्मर बदलने के लिय 48 घंटे की समय सीमा तय की गयी है। इसके अलावा भी विभिन्न सेवाओं के लिए समय का निर्धारण है।

निर्धारित अवधि से देरी पर यूपीसीएल जुर्माने के साथ उपभोक्ता को निर्धारित हर्जाना भी देगा। देगा। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यह हर्जाना या जुर्माना प्रबंधन से न लेकर काम में देरी के लिए जिम्मेवार कर्मियों से वसूलने पर मंथन चल रहा है।
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