यूपीसीएल के चेयरमैन सुभाष कुमार, साथ में है सदस्य केपी सिंह
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बिजली से जुड़ी सेवाएं तय समय पर नहीं मिलें तो आप हर्जाना पाने के हकदार हैं। हर्जाने की धनराशि उत्तराखंड पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को वहन करनी होगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस प्रावधान को जिलाधिकारियों के सहयोग से सख्ती से लागू कराने का निर्णय लिया है।
बुधवार को आयोग के चेयरमैन सुभाष कुमार ने आईएसबीटी स्थित कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उपभोक्ताओं के हितों के प्रति यूपीसीएल को और अधिक पेशेवर व जिम्मेदार बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग पुराने प्रावधानों में कुछ बदलाव कर उन्हें सख्ती से लागू करने जा रहा है।
आयोग ने विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ता की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी यूपीसीएल को दिए हैं। इसके तहत निर्धारित समय में काम नहीं होने पर यूपीसीएल को उपभोक्ता को हर्जाना देना होगा। यूपीसीएल अधिकारियों की ओर से हर्जाना नहीं मिलने की स्थिति में उपभोक्ता विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में शिकायत कर सकते हैं।
चेयरमैन ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि प्रदेश में अब तक स्थापित दो मंचों से ज्यादातर मामलों में फैसला उपभोक्ताओं के हित में हुआ है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार और रुद्रपुर जोन में दो नए मंच स्थापित हुए हैं।