तीन साल पहले 16 जून को केदारनाथ में आए जल प्रलय से उत्तराखंड में हाहाकार मच गया था। तीन साल बाद इस दिन मौसम विभाग ने 'तबाही' का अलर्ट जारी किया है।
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16-17 जून 2013 को केदारनाथ में आए जल प्रलय ने देश और दुनिया को हिला दिया था। पानी ने केदारघाटी में ऐसा विनाश किया कि जहां से बाढ़ का पानी गुजरा वह जगह उजड़ गई।
उत्तराखंड के कई इलाकों में बुधवार सुबह से मौसम खराब बना रहा। राजधानी देहरादून सहित कई क्षेत्रों में तड़के से रुक-रुककर बारिश जारी रही। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर बाद दून में मौसम साफ हो गया। वहीं पिथौरागढ़ में झमाझम बारिश होने की खबर है।
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बुधवार की सुबह से अगले 48 घंटे भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर शासन ने विभिन्न जिलों को सतर्क कर दिया है। इस संबंध में मंगलवार को मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने जिलाधिकारियों को एडवाइजरी जारी कर दी है।
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मंगलवार को दिखा बादल फटने से तबाही का मंजर
पिथौरागढ़ में बादल फटा।
- फोटो : file photo
इसके साथ ही आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण विभाग को सतर्क किया गया कि बारिश के मद्देनजर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।
मौसम विभाग ने राजधानी समेत प्रदेश के उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का अनुमान जारी किया है।
मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि 15 जून की सुबह से तेज बारिश हो सकती है। पानी गिरने का सिलसिला 48 घंटे तक चल सकता है। मौसम के मिजाज ने मंगलवार शाम से रंग बदलना शुरू कर दिया। राजधानी में दिन भर उमस के बाद रात से रिमझिम बारिश हो गई।
शासन ने चारधाम यात्रा के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि आपदा प्रबंधन की टीमें चौकन्ना रहें। सारी व्यवस्था पहले से कर ली जाए। राज्य के सभी जिला आपदा केंद्रों से 24 घंटे सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
उफनाए बैगाड़ गधेरे में चार मवेशी बह गए
cloudburst in rudraprayag
- फोटो : amar ujala
सोमवार शाम सोमेश्वर घाटी क्षेत्र में बादल फटने से हुई तबाही का मंजर मंगलवार को दिखा। लदयूड़ा, सुनाड़ी और बरगल गांव में एक-एक मकान ध्वस्त हो गए हैं। ये परिवार बेघर हो गए हैं। उफनाए बैगाड़ गधेरे में चार मवेशी बह गए।
बयालाखालसा, दियारी, डुंगरकोट रैत, लदयूड़ा की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सैकड़ों नाली भूमि मलबे से पट गई।
लखनाड़ी और सुतोली में पैदल पुलिया टूट गई है। दियारी में मोटर पुल के अपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा है। साईं नदी के बहाव में भंडारी गांव के देवघाट में भैरव मंदिर बह गया है।
सोमवार को पिथौरागढ़ में कई मकानों की सुरक्षा दीवार ढह गई। दोबांस में कई मकानों की छत उड़ गई। सोमवार की बारिश से सेराघाट-बेड़ीनाग सड़क पर गणाईगंगोली के पास भारी मलबा आ गया था।
इससे कई घंटों तक सड़क बंद रही और यात्री फंसे रहे। नाचनी-भैंसकोट, नौलड़ा-नापड़-खतेड़ा सड़क कई दिनों से बंद हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग से मिले पूर्वानुमान के आधार पर पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने बुधवार से अगले 48 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों से कहा है कि खराब मौसम के समय यात्रा न करें। इस बीच जिला मुख्यालय में पिछले 24 घंटे में 38 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। गंगोलीहाट में 9, बेड़ीनाग में 21, मुनस्यारी में 24 और धारचूला में 5 एमएम बारिश हुई।