विजिलेंस की टीम ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी के चेयरमैन अशोक गादिया को छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में हल्द्वानी में गिरफ्तार कर लिया है। इसी मामले में पांच दिन पहले विजलेंस टीम ने परीक्षा नियंत्रक को भी गिरफ्तार किया था। विजलेंस टीम अभी तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
विजिलेंस से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों ने गाजियाबाद में मेवाड़ यूनिवर्सिटी की एक ब्रांच खोली थी। इस इंस्टीट्यूट में एनजीओ संचालक के माध्यम से उत्तराखंड के 440 छात्रों के एडमिशन कराए गए। इसके बाद फर्जी दस्तखत बनाकर उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति की मांग की गई।
समाज कल्याण के पास पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण गढ़वाल डिवीजन से कुछ पैसा स्वीकृत किया गया। इस मामले में एक अधिवक्ता की शिकायत पर शासन ने विजिलेंस से फर्जीवाड़े की जांच कराने का निर्णय लिया। इसके बाद बैंक ने छात्रवृत्ति का पैसा रोक दिया।
जांच के दौरान विजिलेंस टीम ने मुकदमा दर्ज कर एनजीओ संचालक ललित नेगी, गौरव, अनीस सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया। जांच में आया कि लालकुआं के छात्रों ने बताया कि उन्होंने छात्रवृत्ति के कागज पर दस्तखत नहीं किए थे।
फिर भी फर्जी दस्तखत से छात्रवृत्ति निकालने की कोशिश की गई। सीओ चंद्रपाल तितियाल ने बताया कि जांच के आधार पर विजलेंस की टीम ने हल्द्वानी से यूनिवर्सिटी के चेयरमैन अशोक गादिया को गिरफ्तार कर लिया है। सात जून को विजलेंस टीम ने परीक्षा नियंत्रक दिलीप मेनोरिया को गिरफ्तार किया था।