ग्रीन बोनस: सरकार आस लगा रही है कि मोदी सरकार बजट में हिमालयी राज्यों के ग्रीन बोनस का ग्रीन बोनस का प्रावधान करेगी।
आवास : हिमालय राज्यों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की प्रति लाभार्थी की सहायता राशि 1.30 से बढ़ाकर 2.0 लाख हो।
मनरेगा : अकुशल श्रम दिवसों को 95 से बढ़ाकर 125 किया जाए। श्रम सामग्री की दर 60 अनुपात 40 के स्थान 50 अनुपात 50 किया जाए।
ग्रामीण सड़कें : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 250 की आबादी के मानक को 150 किया जाए।
रोपवे : योजना का नाम प्रधानमंत्री संपर्क सड़क योजना रखा जाए, जिसमें रोपवे सेक्टर की शामिल किया जाए। गौरीकुंड से केदारनाथ, नैनीताल रोपवे, गोविंदघाट से हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट केंद्रीय सहायतित योजना में शामिल हो।
पंचायतीराज : प्रदेश की 7797 पंचायतों में से 1599 भवनहीन हैं। भवन उपलब्ध कराने के साथ सभी पंचायतों को ई-पंचायत के तौर पर विकसित करने में वित्तीय सहायता दी जाए।
सीमांत क्षेत्रों का विकास : नेपाल व चीन सीमा से सटे क्षेत्रों में अवस्थापना विकास के जरिये पलायन रोकने के लिए सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम में आवंटन बढ़ाया जाए।
रमसा : राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत संचालित स्कूलों के शिक्षकों के वेतन की 90 फीसदी भुगतान की नीति केंद्र सरकार बरकरार रखे।
पेंशन : वृद्धावस्था पेंशन की प्रति लाभार्थी राशि 200 से बढ़ाकर 500 से 1000 किया जाए।
रेल : बागेश्वर, टनकपुर कर्णप्रयाग रेल मार्ग के लिए बजट में प्रावधान हो।
बजट में धनराशि की मांग (करोड़ में)
महाकुंभ 5000
राष्ट्रीय खेल 682
पंचायतीराज 289
केंद्र से हमें पूरा सहयोग मिला है। हमें बजट से पूरी आशा है। मैं स्वयं केंद्रीय मंत्रियों से मिल चुका हूं और प्रदेश के विकास से जुड़ी प्राथमिकताएं रख चुका हूं। ये सुखद बात है कि ग्रीन बोनस पर नीति आयोग भी सहमत है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री