मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की उत्तराखंड चुनाव प्रभारी उमा ने कहा कि विदेशी नेता और विदेशी सोच से अब देश नहीं चलेगा। चाय बेचने वाला देश का बेटा ही भारत का प्रधानमंत्री बनेगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह मंदिरों की परिक्रमा कर भगवानों को जगाया जाता है, उसी तरह भाजपा देवभूमि की परिक्रमा कर जनता जनार्दन को जगाकर उत्तराखंड की पांचों सीटों पर परचम लहराएगी।
ज्यादा दिनों तक नहीं चलती गठबंधन की सरकार
उमा भारती शनिवार को नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट के बूथ पालकों एवं संयोजकों की बैठक में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि भाजपा के बारे में कहा जाता था कि केंद्र में इनकी गठबंधन की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलती है।
भाजपाई भजन कीर्तनों में मस्त रहते हैं, पार्टी ने इस मिथक को तोड़ा है। गुजरात इसका मॉडल है। नरेंद्र मोदी ने गुड गवर्नेंस देकर जनता की इस सोच को बदला है। देश की जनता आज मोदी को प्रधानमंत्री देखना चाहती है।
उमा भारती ने उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार आपदा प्रबंधन में पूरी तरह फेल रही है। मोदी की डर से कांग्रेस ने आखिरी वक्त में लीपापोती कर नेतृत्व परिवर्तन से भाजपा की राह आसान कर दी है।
आईपीएल में लगती है खिलाड़ियों की बोली
भाजपा की उत्तराखंड चुनाव प्रभारी उमा भारती ने कहा है कि सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न देकर सरकार ने इस सम्मान की गरिमा गिराई है।
सचिन तेंदुलकर ने देश के लिए नहीं, बल्कि अपने कैरियर के लिए खेला। वैसे भी क्रिकेट कारपोरेट घराने में नीलाम होने वाला खेल बन गया है। आईपीएल में खिलाड़ियों की बोली लगती है।
उमा ने कहा कि हाकी के जादूगर ध्यान चंद्र भारत रत्न के हकदार थे, जिनकी अनदेखी कर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न का सम्मान देकर करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है।
मोदी की आंधी रोकने को थर्ड फ्रंट का गठन
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले थर्ड फ्रंट के गठन पर भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती बेबाक बोली। उन्होंने कहा कि थर्ड फ्रंट में शामिल नेताओं में जनता का सामना करने की हिम्मत नहीं है।
नरेंद्र मोदी की आंधी को रोकने के लिए कांग्रेस के इशारे पर थर्ड फ्रंट का गठन हुआ है। उमा भारती ने कहा कि जब बाढ़ आती है तो कुत्ते, बिल्ली और बंदर सभी एक पेड़ में चढ़कर अपनी जान बचाते हैं।
उसी तरह नरेंद्र मोदी की बाढ़ से बचने के लिए जनता के ठुकराए नेता एक मंच पर खड़े हो गए हैं। थर्ड फ्रंट के नेताओं के पास विकास का कोई विजन नहीं है। ऐसे पीटे हुए मोहरे देश का बंटाधार कर देंगे।
राष्ट्रपति शासन लगता तो तब होता विकास
उमा भारती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य जब अस्तित्व में आया, उसी वक्त प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए था, जिससे राज्य के समग्र विकास का मॉडल तैयार हो सकता था।
उमा ने कहा कि वे खुद उत्तराखंड की राज्यपाल बनना चाहती थी। इसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सिफारिश की थी।
तत्कालीन वाजपेयी सरकार में वह खुद कैबिनेट में थी और तब उनकी उम्र भी 35 साल थी, लेकिन वाजपेयी और तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने इनका प्रस्ताव खारिज कर दिया था।