पंकज ने परीक्षा के दौरान मुनस्यारी बाजार में कमरा किराये पर लेकर रोजाना आठ-आठ घंटे पढ़ाई की। अपने प्रिय विषय गणित में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। पंकज ने हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश में 24वां स्थान प्राप्त किया था। वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। मजदूर पिता के सीमित संसाधनों की बदौलत उन्होंने अपना मनोबल बनाकर सफलता प्राप्त की।
इसी तरह दूसरा इतिहास रचा है धारचूला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छारछुम के छात्र एवं बलुवाकोट निवासी प्रियांशु भट्ट ने। प्रियांशु ने हाईस्कूल में प्रदेश में 93.80 फीसदी अंकों के साथ 22वां स्थान प्राप्त किया है। प्रियांशु के मजदूर पिता बिशन दत्त भट्ट को जब बेटे की कामयाबी का पता चला तो उनकी आंखें खुशी से नम हो गईं। प्रियांशु की माता निर्मला भट्ट गृहणी हैं। इस होनहार छात्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र जोशी ने छात्र के घर जाकर उसे और उसके परिजनों को बधाई दी। फोन पर अमर उजाला से बातचीत में प्रियांशु ने बताया कि उन्होंने रोजाना दो घंटे और परीक्षा के समय पांच घंटे पढ़ाई की। प्रियांशु भविष्य में प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश की सेवा करना चाहते हैं। प्रधान पूजा देवी ने भी छात्र को बधाई दी है।