सात अक्तूबर तक मांगें सुझाव
विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने कहा कि प्रदेश के लोग समिति को सात अक्तूबर तक अपने सुझाव दें।
समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट के लिए कोई समय सीमा तय नहीं
प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर गठित समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेनि) ने कहा कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है। इस संबंध में अभी कई लोगों से बात होनी है। राज्य के लोगों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। इतना जरूर है कि समिति इस काम को जल्द पूरा करने का प्रयास कर रही है।
राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनजातियों को इसके दायरे में लाने के संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। इस दिशा में काम चल रहा है। समिति चाहती है कि जल्द से जल्द ड्राफ्ट तैयार कर इसे सरकार को सौंपा जाए। अच्छे सुझावों को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
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समिति के सदस्य एवं पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि समिति उत्तराखंड के साथ ही अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर रही है। विवाह, तलाक, संपत्ति के अधिकार, उत्तराधिकार, विरासत, गोद लेना, रखरखाव व संरक्षित लोगों के व्यक्तिगत मामले होते हैं। अंग्रेजों के समय में इसे लेकर अलग कानून था। देश आजाद होने के बाद अलग कानून बना। उन्होंने कहा कि सरकार जो कानून बना रही है उसमें किसी धर्म की बात नहीं कही गई है। समान नागरिक संहिता को लेकर सभी विकल्प खुले हैं।