अस्पताल में विलाप करते परिजन। इनसेट में निर्मल और अमन की फाइल फोटो।
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ऋषिकेश स्थित चीला शक्ति नहर में नहाते समय गहरे पानी में डूबने से 12वीं कक्षा के दो छात्रों की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव बरामद कर लिए। मृतक छात्र दोस्तों के साथ चीला बैराज मार्ग पर घूमने आए थे। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले नौ छात्र अलग-अलग दोपहिया वाहन से चीला बैराज मार्ग पर घूमने आए थे। सभी कुनाऊं पुलिया के पास रुके। इसी बीच दो छात्र अमन राणा (19) पुत्र चंदन राणा निवासी आशुतोष नगर, निर्मल रावत (18) पुत्र बीरबल निवासी चौदह बीघा, मुनिकीरेती नहाने के लिए चीला शक्ति नहर में उतर गए।
बताया गया है कि नहाते समय दोनों पानी के तेज बहाव में आकर डूबने लगे। साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बदहवास हालत में साथी बैराज पुल पर पहुंचे और यहां गार्द पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से नहर में तलाशी अभियान चलाया और पानी में डूबे छात्रों के शव बरामद कर लिए। शवों को सरकारी अस्पताल लाया गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि मृतक छात्र माडर्न स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ते थे।
ताउम्र रहेगा भाई को न बचा पाने का मलाल
हादसे के बाद छात्रों के परिजन विलाप करते रहे।
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नहर में डूब रहे अमन को रिश्ते के भाई राजन ने बचाने का भरसक प्रयास किया। वह भी नहर में डूबने लगा तो हिम्मत जवाब दे गई, किसी तरह वह बचकर पानी से बाहर आ गया। बताया कि उसे जिंदगी भर भाई को नहीं बचाने का मलाल रहेगा। अमन राणा का छोटा भाई आलोक राणा भी साथ में गया था।
फफकते रहे साथी छात्र
सरकारी अस्पताल में माहौल पूरी तरह गमगीन था। मृतक छात्रों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। साथी छात्र भी फफक रहे थे। साथी धमेंद्र, विकास, मनीष ने बताया कि अमन और निर्मल पढ़ाई में होनहार और मिलनसार थे। यकीन नहीं हो रहा कि दोनों इस दुनिया में हमसे जुदा हो गए हैं। उन्हें जीवनभर साथियों के खोने का गम सालता रहेगा। जवान मौत पर अस्पताल में हर किसी की आंख नम रही।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक अमन राणा दो भाईयों में सबसे बड़ा था। पिता प्रापर्टी कारोबारी हैं और मां गृहणी। बेटे की मौत के बाद पिता मौन हो गए, जबकि मां रोती बिलखती रही। अस्पताल में जो भी अपना आता उससे पूछती अमन कैसा है। उसे मेरे पास लेकर आओ। जबकि निर्मल रावत दो बहनों में बड़ा भाई था। पिता परिवहन व्यवसायी हैं। सोमवार सुबह वह बस लेकर चारधाम यात्रा पर निकले। उन्हें सूचित कर दिया गया है। पलभर में दोनों परिवारों पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा।