कुछ विभागों के अनुरोध के बाद बढ़ाकर तबादलों की अंतिम तिथि 10 जुलाई घोषित की गई थी, लेकिन मानकों में आ रहे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले होंगे या कुछ प्रतिशत तबादले होंगे यह तय नहीं हो पाया था। जिससे विभिन्न विभागों में तबादलों केे लेकर असमंजस की स्थिति थी।
प्रदेश में तबादला एक्ट के तहत स्थानांतरण सत्र 2022-23 में 15 प्रतिशत कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले होंगे। अमर उजाला ने 29 जून के अंक में इसका खुलासा किया था। जिस पर शासन ने अपनी मुहर लगाते हुए तबादलों के लिए अधिकतम समय सीमा तय कर दी है।
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प्रदेश में कोविड-19 की वजह से पिछले दो साल तक तबादला सत्र शून्य घोषित किया गया था। इस सत्र में तबादला एक्ट के तहत ही कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले होने थे। इसके लिए शासन की ओर से 8 अप्रैल 2022 को आदेश जारी किया गया था। शासन की ओर से तबादलों के लिए समय सीमा तय की गई थी।
जिसे बाद में कुछ विभागों के अनुरोध के बाद बढ़ाकर तबादलों की अंतिम तिथि 10 जुलाई घोषित की गई थी, लेकिन मानकों में आ रहे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले होंगे या कुछ प्रतिशत तबादले होंगे यह तय नहीं हो पाया था। जिससे विभिन्न विभागों में तबादलों केे लेकर असमंजस की स्थिति थी।
यही वजह थी कि कुछ विभाग खाली पदों पर तबादलों की तैयारी में थे, जबकि कुछ की ओर से तबादलों की जद में आ रहे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की सूची तैयार कर ली गई थी। शिक्षा विभाग में तो पात्र शिक्षकों की सूची को विभाग की वेबसाइट में प्रदर्शित कर दिया गया था जबकि अब तय किया गया है कि 15 प्रतिशत कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले होंगे। यदि किसी विभाग को 15 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों के तबादले की जरूरत होगी तो इस मामले को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।