उत्तराखंड के चार धामों को रेल मार्ग से जोड़े जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा अब जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है।
आज होगा सर्वे
इसके लिए रेलवे विकास निगम ने भूमि अधिग्रहण करने को दून, टिहरी व अन्य जिलों की तहसीलों और भूअध्याप्ति अधिकारियों से भूमि बैंक का ब्योरा तलब किया है। निगम के महाप्रबंधक भानु प्रताप मंगलवार को प्रस्तावित चारधाम रेल मार्ग का सर्वे करेंगे।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल ट्रैक बनाने में सुस्त पड़ा रेलवे विकास निगम और इटली की कार्यदायी संस्था जीओ डाटा प्रधानमंत्री की पहल के बाद चौकन्ना हो गई हैं। अभी तक टिहरी में ट्रैक के चिन्हांकन के लिए पोल तक नहीं लगा पाए इंजीनियरों में हड़कंप है।
रेलवे विकास निगम लिमिटेड के सीनियर मैनेजर (भूमि अधिग्रहण) डॉ. एसके बर्नवाल की अगुवाई में निगम की टीम ने सोमवार को कलेक्ट्रेट आकर भूअध्याप्ति अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र और सब रजिस्ट्रारों से लैंड बैंक और सर्किल रेट के संबंध में जानकारी ली।
टीम ने बताया कि कर्णप्रयाग से पहले बदरीनाथ धाम को जोड़ा जाएगा। इसके बाद अन्य धामों के ट्रैक चिन्हांकन का काम शुरू होगा। टिहरी में शिवपुरी रेल स्टेशन के भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव बनकर चला गया है। 82 रेलवे स्टेशनों का प्रस्ताव तैयार है।
ट्रैक पर पोल लगने हैं। इसके साथ ही वन भूमि हस्तांतरण और क्षतिपूर्ति पौधाकरण का भी प्रस्ताव तैयार हो गया है। डा. बर्नवाल ने बताया कि सर्किल रेट की जानकारी ली जा रही है जिससे भूमि अधिग्रहण के बाद लोगों को मुआवजा दिया जा सके।
सुरंग से जाएगी रेल
रेलवे विकास निगम पहाड़ों के अंदर ट्रैक बिछाएगा। पहाड़ों को ड्रिल करके सुरंग बनाई जाएगी, जहां से रेल जाएगी। पहाड़ों को धसकने से रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था कर दी जाएगी।