तिहाड़ जेल से पेशी पर लक्सर कोर्ट लाया जा रहा विचाराधीन कैदी दिल्ली पुलिस की हिरासत से फरार हो गया। पुलिस की सक्रियता के चलते उसे एक घंटे के भीतर ही दबोच लिया गया।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अनिल उर्फ ऐलिस उर्फ अमन निवासी सिंभालका (पानीपत) की मंगलवार को ट्रेन में नकदी लूट के एक मामले में लक्सर कोर्ट में पेशी थी।
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नाश्ता कराने के लिए हथकड़ी खोली
इसके लिए हेड कांस्टेबल अमित, कांस्टेबल राजीव, सुभाष और विरेंद्र मंगलवार सुबह उसे लेकर लक्सर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने स्टेशन की कैंटीन पर अनिल को नाश्ता कराने के लिए उसकी हथकड़ी खोल दी।
बंधन मुक्त होते ही अनिल एकाएक उठा और पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भाग खड़ा हुआ। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने का प्रयास भी किया पर वह हाथ नहीं आया। पुलिसकर्मियों ने जीआरपी थाने को तुरंत इस बात की जानकारी दी।
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हिरासत से फरार होने की सूचना
विचाराधीन कैदी के हिरासत से फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। जीआरपी ने वायरलेस से पूरे जनपद और आसपास के इलाकों की पुलिस को अलर्ट कर दिया। उसकी तेजी से तलाश शुरू कर दी गई।
करीब एक घंटे की भाग दौड़ के बाद अनिल लक्सर-रायसी मार्ग पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। जीआरपी थानाध्यक्ष केवल मोहन भंडारी ने बताया कि हेड कांस्टेबल अमित ने घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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अनिल के खिलाफ लूट-डकैती के कई मामले
पुलिस रिकार्ड में अनिल उर्फ एलिस निवासी पानीपत बेहद शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में लूट और डकैती जैसे संगीन अपराध में मुकदमे दर्ज हैं।
लक्सर जीआरपी में भी उसके खिलाफ लूट और गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। दिल्ली में वह एक डकैती के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। उसके तीन साथी मुकेश, सोनू और सुमित निवासी सिंभालका पानीपत रुड़की जेल में बंद हैं।
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दिल्ली पुलिस को दरियादिली पड़ी भारी
लूट और डकैती की वारदात में शामिल रहे अनिल उर्फ एलिस जैसे शातिर अपराधी पर दरियादिली दिखाना दिल्ली पुलिस के जवानों को भारी पड़ गया।
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यदि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी को सही ढंग से करते और दरियादिली न दिखाते तो विचाराधीन कैदी उनकी अभिरक्षा से भागने में कामयाब नहीं हो पाता। अब उन्हें लापरवाही बरतने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।