पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने 6761 पुलिसकर्मियों को बड़ा तोहफा दिया। सिद्धू ने पूर्व में डीजीपी रहे सुभाष जोशी के आदेश को पलटते हुए ट्रेनिंग के तत्काल बाद नौकरी शुरू करने वाले कांस्टेबलों को पूरा वेतन देने के आदेश दिए है।
पिछले एक अरसे से 6761 हजार कांस्टेबल उच्च न्यायालय में अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे। कांस्टेबलों को ट्रेनिंग के बाद भी स्टाइपैंड देने के आदेश 26 जुलाई 2008 को दिए थे।
42 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ा
महकमें में इसका विरोध भी हुआ था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक सिपाही को 42 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। उच्च न्यायालय में अभी भी इस प्रकरण की 22 रिट याचिकाएं लंबित हैं।
1289 कांस्टेबलों ने उच्च न्यायालय से मुकदमा जीतकर अपना हक लिया लेकिन फिर भी यह कहा गया कि जिसके पक्ष में न्यायालय आदेश करेगा उसे ही लाभ मिलेगा। इसके बाद अन्य कांस्टेबल भी पुलिसिंग करने के बजाय उच्च न्यायालय पहुंचने लगे।
बेवजह की मुकदमे बाजी
इन कर्मियों की संख्या 8050 थीं। डीजीपी बीएस सिद्धू ने इस मामले में मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस मामले में बेवजह की मुकदमे बाजी हो रही है। सीएम की हां के बाद डीजीपी ने पीईसी की बैठक बुलाकर पुराने डीजीपी के आदेश को पलटते हुए लाभ देने के आदेश जारी कर दिए।
पौष्टिक भत्ता पर भी आदेश जल्द
दो अक्टूबर 2012 को सीएम विजय बहुगुणा ने सभी पुलिसकर्मियों को डेढ़ सौ रुपए प्रति माह पौष्टिक भत्ता देने की घोषणा की थी। हालांकि प्रस्ताव तो बना लेकिन शासन में मामला लटक गया। अब जाकर इस पर अनुमोदन मिला है। एक दो दिन में इस संबंध में आदेश जारी हो जाएगा।