जंगल रास्ते भाग निकले आरोपी
एक गोली दीपक बडोला के गले में और दूसरी पेट में लगी। बाकी दोनों को पेट में गोली लगी थी। दीपक बडोला घायल हालत में ही वहां से भाग गया, जबकि क्षेत्री और नेगी सोनू भारद्वाज के गेट पर ही गिर गए। क्षेत्री के परिजन उन्हें कैलाश अस्पताल ले गए और पुलिस ने नेगी को दून अस्पताल में भर्ती करा दिया। बाद में दोनों को इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर परिजन और पुलिस सुबह तक दीपक की तलाश करते रहे। इसके बाद सोमवार सुबह छह बजे बडोला का शव डोभाल चौक के पास करीब 10 फीट गहरे नाले से बरामद हुआ। रात में इस घटना को अंजाम देने के बाद रामबीर और मनीष कार लेकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया तो आशारोड़ी बैरियर तोड़ते हुए पास ही में कार खड़ी कर जंगल रास्ते भाग निकले।
सोनू के घर पर लोगों ने किया हमला
सुबह जब दीपक बडोला की लाश नाले से मिली तो परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को पुलिस को नहीं सौंपा। लोगों ने सोनू भारद्वाज के घर पर पथराव कर दिया। इससे घर के शीशे आदि भी टूट गए। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। कुछ देर बाद विधायक उमेश शर्मा काऊ पहुंचे और उन्होंने लोगों को उचित कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को शव सौंपा।