कोतवाली पुलिस ने एक फाइनेंस कंपनी के तीन संचालकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने ग्राहकों से कराई गई एफडी की रकम वापस नहीं दिए जाने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर यह मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुर खेड़ा, लक्ष्मीपुर की निवासी सुषमा पत्नी बृजपाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि दिव्यांश निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस का कारोबार करने वाली एक कंपनी ने विकासनगर व हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर कार्यालय खोलकर फाइनेंस का कारोबार शुरू किया था। शिकायतकर्ता को कंपनी संचालक मांगेराम चौधरी पुत्र राजकुमार निवासी सोसायटी वाली गली बिहारीगढ़ जनपद सहारनपुर, बाबूराम पुत्र ज्ञान सिंह निवासी खुशहालीपुर जनपद सहारनपुर व सरदार सिंह पुत्र हरक सिंह निवासी भुनाड़-डांगुठा त्यूणी जनपद सहारनपुर ने एजेंट के रूप में कार्य पर रखा था। एजेंट के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अपने खुद के दो बच्चों के नाम से पचास-पचास हजार रुपये की एफडी कंपनी में कराई। इसके अलावा उन्होंने व उनके साथी अन्य एजेंटों ने क्षेत्र के निवासी व जान पहचान के कई लोगों से एफडी के नाम पर कई लाख रुपये कंपनी में जमा कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि एफडी के पूरा हो जाने के बाद भी उन्हें व उनके परिचितों को पैसा वापस नहीं लौटाया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता अवतार सिंह मजीठिया ने बताया कि अदालत ने शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के बाद कोतवाली विकासनगर को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उधर, कोतवाली प्रभारी रविंद्र शाह ने बताया कि अदालत के आदेश के मुताबिक आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।