रुड़की स्थित पिरान कलियर शरीफ दरगाह से जियारत कर लौट रहे संभल, यूपी के एक परिवार के तीन बच्चों की नहर में डूबने से मौत हो गई। छह वर्ष के छोटे भाई को बचाने के फेर में सगे भाई बहन एवं उनका फूफेरा भाई मौत के मुंह में समा गया। घटनास्थल पर परिजनों का चीत्कार से हर कोई दुखी था।
संभल के गांव अशरफपुर से एक परिवार के नौ सदस्य जियारत करने बृहस्पतिवार सुबह पहुंचे थे। जियारत कर लौटते समय पूरा परिवार बावनधरा पुल के पास पहुंचकर ठहर गया। इसी बीच जायरीन कलवा का छह वर्षीय बेटा अरबाज नहर में नहाने लग गया।
नहर में नहाने उतरा अरबाज अचानक नहर में डूबने लगा। अरबाज को डूबता देख बडे़ भाई सददाम 17 वर्ष, बहन हुस्नजहां 14 वर्ष एवं फूफेरे भाई अरमान 15 वर्ष पुत्र तौफिक पीछे कूद गए। जैसे तैसे छोटा भाई अरबाज बच निकला पर बाकी तीनों भाई बहन को पानी ने अपने आगोश में ले लिया।
जल पुलिस ने तीनों को निकाला, पर हुई देर
अपने बच्चों को अपनी आंखों के आगे पानी में डूबता देखकर परिजनों ने चिल्लाना शुरू कर दिया जिसपर राहगीर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर तुरन्त एसओ बहादराबाद सुंदरम शर्मा, चौकी प्रभारी राजेश कुमार एवं जल पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए।
जल पुलिस ने कुछ ही मिनटों में एक-एक कर तीनों भाई बहनों को निकाल लिया। किशोरी हुस्नजहां की मौत हो चुकी थी पर अरमान एवं सददाम की सांस चलने पर तुरन्त रुड़की सिविल अस्पताल भेजा लेकिन रास्ते में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि सददाम रुई की मशीन पर कार्य करता था जबकि हुस्नजहां नौवी एवं अरमान कक्षा दस का छात्र था। बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
चेतावनी बोर्ड नहीं मौके पर
इसे उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की लापरवाही ही कहेंगे कि बेहद खतरनाक माने जाने वाले बावनधरा पुल के आस-पास कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं है। ये कोई पहला मौका नहीं है जब बावनधरा पुल के पास डूबने से किसी की मौत हुई हो। पहले भी यहां कई लोग डूबे हैं।
परिजनों का रूदन देख सबकी आंखें हुई नम
परिवार की खुशहाली के लिए जियारत करने पहुंचे परिवार ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें ताउम्र सालने वाला दर्द लेकर लौटना पड़ेगा। परिवार का छोटा बड़ा हर सदस्य दहाड़ मारकर रो रहा था, किसी की भी आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
हर कोई मौत के क्रूर पंजों का शिकार बने अपनों का नाम ले-ले कर उन्हें याद कर रहा था। अपने दो लाडलों को खो चुके कलवा ने मानो सुध बुध खो ही दी हो, पत्नी की जुबां से भी अपने लाडलों के नाम के बोल ही फूट रहे थे।
बावनधरा पुल के पास घटी हृदय विदारक घटना के दौरान पहुंचे राहगीरों का दिल भी पसीज गया। जियारत कर लौट रहे पूरे परिवार के चेहरे पर बेहद खुशी थी लेकिन पल भर में मानो उनकी दुनिया ही उजड़ गई।