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बिजली उत्पादन को लेकर बरसात के मौसम पर टिक रही जलविद्युत निगम की उम्मीद

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पानी की कमी के कारण नवनिर्मित व्यासी जलविद्युत परियोजना में क्षमता के हिसाब से बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है। अप्रैल माह में परियोजना से बिजली का उत्पादन शुरू कर दिए जाने के बाद से पानी की कमी बिजली उत्पादन की राह में बाधा बनती रही है। बरसात में यमुना नदी में पानी की मात्रा बढ़ने से पर्याप्त मात्रा में बिजली उत्पादन की उम्मीद है।
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अप्रैल माह में बनकर तैयार हुई 120 मेगावाट की व्यासी जलविद्युत परियोजना बिजली उत्पादन के मामले में संकट झेलती चली आ रही है। दरअसल परियोजना के लिए बनाए गए बांध में 631 मीटर पानी की मात्रा को मेंटेन करने के पश्चात 20 अप्रैल को जलविद्युत निगम ने बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया था। लेकिन बिजली उत्पादन के लिए बांध से डिस्चार्ज किए जाने वाले पानी की मात्रा के हिसाब से यमुना नदी से पानी का बैकअप नहीं मिलने के कारण यह तय किया गया कि एक मशीन से ही 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। गर्मी का मौसम होने के चलते यमुना नदी के जलस्तर में आने वाली कमी व यमुना नदी से सिंचाई के लिए पानी नहरों को देने की बाध्यता के चलते समस्या और भी अधिक बढ़ गई। स्थिति यह हुई कि 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही एक मशीन को चलाने में भी निगम को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। जलविद्युत निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु अवस्थी का कहना है कि अप्रैल से लेकर अभी तक कई बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसमें उत्पादन नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि सिंचाई नहरों को पानी नहीं दिए जाने व यमुना में जलस्तर बढ़ने से बरसात के मौसम में 120 मेगावाट के बिजली उत्पादन की पूरी उम्मीद है।
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