एयर क्वालिटी इंडेक्स की चार चरणों में मॉनिटरिंग की जाती है। शून्य से लेकर 50 तक की एयर क्वालिटी इंडेक्स को सेहत के लिए ठीक माना जाता है।
51 से लेकर 100 तक एयर क्वालिटी इंडेक्स को संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक को मॉडरेट, 200 से लेकर 300 को खराब श्रेणी, 301 से लेकर 400 तक को बहुत खराब और एयर क्वालिटी इंडेक्स 401 से ऊपर होने पर प्रदूषण के लिहाज से सबसे खतरनाक माना जाता है।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि के मुताबिक इस बार राजधानी दून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, काशीपुर और उधमसिंहनगर में प्रदूषण स्तर की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है।
निजी कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा एयर क्वालिटी इंडेक्स की मॉनिटरिंग को लेकर राजधानी में दो स्थानों पर और बाकी शहरों में एक-एक स्थानों पर मॉनिटर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण की एक सप्ताह और वायु प्रदूषण की 15 दिन तक मानिटरिंग की जाएगी।