इस वीकेंड अमर उजाला आपको उन सिद्घ मंदिरों के बारे में बताने जा रहा है। जहां जाकर आप मुंह मांगा वरदान प्राप्त कर सकते हैं। मान्यता है कि अगर एक ही दिन में बिना कुछ खाए इन चार सिद्घ के दर्शन किए जाए तो भक्त की कोई भी मनोकामना पूरी होती है।
देहरादून में लक्ष्मण सिद्घ, कालू सिद्घ, मानक सिद्घ व माढ़ू सिद्घ मंदिर ये चार सिद्घ हैं, जहां कई हजारों साल पहले संतों ने कठोर तप किया था। इन चारों सिद्घ की विशेषता है कि यहां केवल गुड़ का ही प्रसाद चढ़ाया जाता है। यह चारों सिद्घ भीड़-भाड़ से दूर एकांत में स्थित है।
प्रदेश के आसपास के इलाकों व दूसरे राज्यों के लोग यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। चारों सिद्घ शहर में ही होने के कारण बेहद कम समय में इनके दर्शन आसानी से किए जा सकते हैं।
लक्ष्मण सिद्घ मंदिर - देहरादून से 12 किमी दूर स्थित यह मंदिर देहरादून-ऋषिकेश रोड पर है। यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। आप यहां टैक्सी से या फिर अपने वाहन से जा सकते हैं। इस मंदिर में रविवार के दिन श्रद्घालुओं की भीड़ लगी रहती है। यहां एक संत ने तपस्या की थी और उन्हीं के नाम पर यह मंदिर बनाया गया है।
कालू सिद्घ मंदिर - यह मंदिर बानियावाला के पास थानो गांव से सात किमी दूर स्थित है। थानो फॉरेस्ट रेंज में मौजूद यह मंदिर कालू सिद्घ नामक संत को समर्पित है। शीतल नदी के पास स्थित यह स्थान पक्षी प्रेमियों और ट्रैकिंग करने वालों के लिए बेहतर है। आप यहां फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में रुक सकते हैं।
मानक सिद्घ मंदिर - यह मंदिर शिमला बाईपास स्थित बडोवाला क्षेत्र में मौजूद है। यहां भी संत ने तपस्या की थी और उन्हीं के नाम पर इस मंदिर का नाम रखा गया है।
माढ़ू सिद्घ मंदिर - प्रेमनगर में स्थित यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। यह सभी मंदिर छोटे हैं और एकांत में हैं, लेकिन इनकी मान्यता के कारण दूर-दूर से भक्त यहां पहुंचते हैं।
कहां रुकें
होटल मधुबन राजपुर रोड, होटल पैसिफिक राजपुर रोड, होटल सुरभि पैलेस चकराता रोड, होटल दून कैसल पटेल नगर आदि।
कैसे जाएं
देहरादून पहुंचकर चारों सिद्घ के दर्शन करने के लिए आपको टैक्सी से या फिर अपने वाहन से जाना होगा। क्योंकि यहां जाने के लिए कोई और सुविधा नहीं है। आप इन ट्रैवल गाइड के जरिए यहां जा सकते हैं। ट्रैवलगुरु - 91 92222 72222, कुमार ट्रेडिंग कंपनी - 91-135-627552, अरोड़ा ट्रैवल एजेंसी - 91-0135-773571...