पहाड़ के दुर्गम स्कूलों में 20 साल की सेवा पर शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा। वहीं, अशासकीय स्कूलों और आउट सोर्सिंग से होने वाली नियुक्तियों में भी आरक्षण लागू होगा।
अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक विकास समिति के दून स्थित एमकेपी इंटर कॉलेज में आयोजित अधिवेशन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्ग के भूमिहीन लोगों को भूमि खरीदने के लिए सरकार अनुदान देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नौ जनपद ऐसे हैं, जहां कोई जाने को तैयार नहीं। जिलाधिकारियों को भी यहां भेज दिया जाए तो वे मुंह बनाने लगते हैं।
पहाड़ का नाम सुनकर वे इस तरह से मुंह बनाते हैं जैसे उनके मुंह में किसी ने चूख (पहाड़ में होने वाला खट्टा नींबू) डाल दिया हो। सीएम ने कहा कि जितने चयन आयोग बनेंगे उनमें एक पद अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए होगा।
सेना की तर्ज पर शिक्षकों को रिटायरमेंट पर प्रमोशन
उन्होंने कहा कि पहाड़ में नौकरी करते हुए रिटायर होने वाले शिक्षकों को सेना की तर्ज पर रिटायरमेंट पर एक प्रमोशन देने पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने समिति की प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग के बैकलाग पदों को भरने, अशासकीय स्कूलों में पीटीए शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति आदि मांगों पर विचार का आश्वासन दिया।
सीएम ने कहा कि बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती हुई है। बैकलॉग के रिक्त पदों को भी भरा जाएगा। जरूरत पड़ी तो भर्ती के पदों को बढ़ाया जाएगा। समारोह में विशिष्ट अतिथि विधायक राजकुमार ने राजपुर विधानसभा क्षेत्र में समिति भवन के लिए निधि से दस लाख रुपये देने घोषणा की।
समारोह में प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल, महासचिव अनूप कुमार, शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल, पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा आदि मौजूद थे।
मुझे मिला दूसरा जन्म
सीएम ने कहा कि यह उनका दूसरा जन्म है। गर्दन की हड्डी टूटने के बाद उनके बचने की बहुत कम संभावना थी। यदि अब भी नहीं संभला तो यह जन्म निरर्थक है। सीएम ने कहा कि कुर्सी रहे न रहे अत्याचार नहीं होने दूंगा।
दूसरे कर रहे मदद, अपने हड़ताल पर
सीएम ने कहा कि प्रदेश में हड़ताल वही कर रहे हैं, जिन्हें सब सुविधाएं मिल रही हैं। आपदा प्रभावित प्रदेश के लिए अन्य प्रदेश सहयोग कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। इससे गलत संदेश जा रहा है।
सीएम ने कहा कि मिनिस्ट्रीयल कर्मी नायब तहसीलदार बनाओ और पटवारी कहते हैं इन्हें नायब तहसीलदार बनाया तो हड़ताल पर चले जाएंगे। पूरी दुनिया में ऐसा ट्रेंड कहीं नहीं देखा।
मैं देवता से डरता हूं, ये भूत से भी नहीं डरते
सीएम ने कहा कि पहाड़ के दूरदराज के स्कूलों में न मेरे बच्चे पढ़ रहे हैं न शिक्षा निदेशक के। वहां गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं। यदि वहां हम शिक्षक न दे पाएं तो सब बेकार है। गांव में जाकर में यह सब देखकर देवता से डरता हूं। जबकि कुछ लोग भूत से भी नहीं डरते।
...तो पहाड़ को बना दें मैदान
सीएम ने कहा कि कर्मचारी और अधिकारी पहाड़ जाने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अब एक ही रास्ता है कि विकास के लिए आए पैसे से डोजर लगाकर पहाड़ को मैदान बना दिया जाए।