तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित गीता मौर्य और स्यामा देवी ने बताया कि दो दिन पहले महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला था। तब उन्होंने तीलू रौतेली पुरस्कार मुख्यमंत्री का लौटा दिया था, लेकिन उन्होंने निविदा प्रक्रिया को रद्द किए जाने के आश्वासन के साथ पुन: पुरस्कार हमें सौंप दिया।
टेक होम राशन के लिए सरकार की ओर से ई-निविदा मांगे जाने के बाद स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं में आक्रोश है। तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित गीता मौर्य और स्यामा देवी ने सम्मान लौटाए जाने की बात कही है। वहीं, ई-निविदा प्रक्रिया को रद्द किए जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को महिलाएं नंदा की चौकी स्थित महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगी।
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तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित गीता मौर्य और स्यामा देवी ने बताया कि दो दिन पहले महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला था। तब उन्होंने तीलू रौतेली पुरस्कार मुख्यमंत्री का लौटा दिया था, लेकिन उन्होंने निविदा प्रक्रिया को रद्द किए जाने के आश्वासन के साथ पुन: पुरस्कार हमें सौंप दिया।
सरकार की ओर से अभी तक इस विषय में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जिस काम के लिए हमे पुरस्कृत किया गया, जब वही हमसे छीन जाएगा तो हम पुरस्कार लेकर क्या करेंगी। दोनों महिलाओं का कहना हैं कि एक तरफ सरकार महिलाओं के उत्थान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उनका रोजगार छीना जा रहा है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर पुन: सम्मान सरकार को लौटाए जाने की बात कही है।
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आपकों बता दें कि गीता मौर्य को 8 अगस्त 2020 को उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूह शक्ति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसी काम के लिए वर्ष 2018 में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने भी उन्हें सम्मानित किया था। वहीं श्यामा देवी को इस वर्ष ही तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। श्यामा देवी भी महिला स्वयं सहायता समूह चलाती हैं।