ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय पहुंचे अभिनेता सुनील ग्रोवर। संवाद
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गुत्थी और डॉ. मशहूर गुलाटी के किरदार से लोगों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने शुक्रवार को ग्राफिक एरा हिल विवि में छात्रों को जमकर गुदगुदाया। अपने चुटीले अंदाज और हास्य संवादों से उन्होंने दर्शकों को पेट पकड़कर हंसने को मजबूर कर दिया। हालांकि कुछ देर के लिए सुनील गंभीर भी दिखे। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई और करियर को लेकर बातचीत की व सफलता के मंत्र भी दिए।
शुक्रवार को विवि के केपी नौटियाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने जमकर मस्ती की। बीच-बीच में गंभीर हो रहे सुनील ने कहा कि किसी चरित्र का अभिनय करने के लिए किस तरह से मेहनत करनी पड़ती है। ग्राफिक एरा के छात्रों से उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद कॅरियर शुरू करेंगे तो घबराने की जरूरत नहीं है। ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला के साथ बातचीत करते हुए भी उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को जमकर गुदगुदाया। प्रो. कमल घनशाला ने कहा कि विवि का सभागार करीब दो साल बाद छात्रों के लिए खुला और सुनील ग्रोवर ने माहौल बना दिया। उन्होंने कहा कि सुनील ग्रोवर अपना काम मेहनत, जुनून और जज्बे से करते हैं। अपने काम और लक्ष्य के प्रति समर्पण छात्र-छात्राओं को सुनील ग्रोवर से सीखना चाहिए।
एक छात्रा ने सवाल किया कि एक्टर बनने के लिए क्या मुंबई जाना जरूरी है? इस पर सुनील ने कहा कि इस सवाल को पूछने के लिए मैं गलत आदमी हूं। मैं खुद के 15 साल खराब कर चुका हूं। प्लेटफार्म पर कोई मोहताज नहीं। ऐसा जरूरी नहीं है, कि मुंबई से ही शुरू करना है। कई ऐसे हैं जो अन्य शहरों से भी शुरूआत कर चुके हैं। हां मुंबई में फिल्में बनती हैं, इसलिए वहां कुछ मौका मिल जाता है। वहीं, ग्रुप की वरिष्ठ पदाधिकारी राखी घनशाला ने सुनील ग्रोवर को स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राफिक एरा डीम्ड युनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. राकेश शर्मा, कुलपति प्रो. संजय जसोला और वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा समेत शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
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डॉ. गुलाटी की आवाज पर खूब बजी सीटियां
छात्रों से बातचीत करते हुए कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने अपने प्रसिद्ध किरदार डॉ. मशहूर गुलाटी की आवाज निकाली तो सभागार सीटियों की आवाज से गूंज उठा। छात्रों की विशेष मांग पर उन्होंने गुलाटी की मिमिक्री भी की।उनके संवादों को सुनकर छात्र काफी देर तक ठहाके लगाते रहे।