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पानी की टंकी पर छात्र ने किया आत्मदाह

Wed, 05 Nov 2014 01:54 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
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नैनीताल जिले में छात्रसंघ चुनाव की रंजिश आत्मदाह तक पहुंच गई। पुलिस कार्रवाई के खिलाफ और कोतवाल को हटाने की मांग को लेकर एनएसयूआई के रामनगर महाविद्यालय अध्यक्ष ने पानी की टंकी पर चढ़कर खुद को आग लगा ली।
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गंभीर हालत में उसे दिल्ली रेफर किया गया है। घटना के बाद बाजार में भगदड़ मच गई और दुकानों के शटर गिरने लगे। कुछ ही देर में सन्नाटा पसर गया।

एसएसपी और डीआईजी ने रामनगर पहुंचकर हालात पर काबू पाया। देर शाम तक स्थिति तनावपूर्ण रही। दो दिन पूर्व छात्रसंघ चुनाव को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई में टकराव हो गया था। इस बीच, मालधनचौड़ में एबीवीपी से जुड़े तीन छात्र नेताओं की बाइकें फूंक दी गईं थीं।

क्या था मामला?

छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस ने युवक कांग्रेस के पांच कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज कर इनमें से एक मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में भी पुलिस लगी हुई थी। इससे बौखलाए कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। वे कोतवाल को तत्काल हटाने की मांग पर अड़ गए।

इस पर सोमवार को एसपी सिटी ने जांच अधिकारी तो बदल दिया, लेकिन कोतवाल को हटाने के लिए उन्होंने एसएसपी से वार्ता करने का आश्वासन दिया।

इसके बावजूद कार्यकर्ता नहीं माने और उन्होंने आत्मदाह की धमकी दे डाली। मंगलवार को पुलिस प्रशासन सुबह से ही चौकस रहा। कार्यकर्ताओं ने आत्मदाह के लिए लखनपुर चुंगी पर दो से तीन बजे का समय बताया था।

भारी फोर्स थी तैनात

इसके मद्देनजर तय समय से घंटों पहले लखनपुर चुंगी पर भारी फोर्स तैनात कर दिया गया। एसडीएम एसएस जंगपांगी, एसपी सिटी पंकज भट्ट, सीओ मिथिलेश कुमार, तहसीलदार गौरव चटवाल, सीएफओ नागेंद्र सिंह, एसओजी प्रभारी रविंद्र यादव आदि भी डट गए।

इस बीच, रामनगर महाविद्यालय के एनएसयूआई अध्यक्ष ललित पांडे उर्फ रोहित, युकां विधानसभा अध्यक्ष दीप गुणवंत, तनुज दुर्गापाल और गोधन फर्त्याल लखनपुर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जबकि अन्य लोग चुंगी पर ही डटे रहे।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। कार्यकर्ताओं ने अपने साथियों को फोन कर टंकी पर चढ़ने की जानकारी दी तो पूरा हुजूम टंकी की ओर दौड़ पड़ा। यह देख पुलिस के हाथ-पांव फू ल गए।

चारों युवाओं ने खुद पर डाला मिट्टी तेल

पुलिस ने टंकी पर चढ़ने की कोशिश की तो सीढ़ियों पर कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोक लिया और टंकी पर चढ़े चारों युवाओं ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया, इसके चलते पुलिस अधिकारियों को अपने कदम पीछे खींचने पड़े।

उसके बाद टंकी के नीचे वार्ताओं का दौर चलने लगा। डेढ़ घंटे तक कोई हल न निकलने पर प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने समर्थकों के बीच खड़े होकर अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया।

यह देख पुलिस कर्मियों ने उन्हें पकड़ा तो समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। एसओजी प्रभारी रविंद्र यादव ब्लॉक प्रमुख को एंबुलेंस में डालकर गोपनीय स्थान पर ले गए।

उसके आधे घंटे बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो टंकी पर चढ़े पैठपड़ाव निवासी रोहित पुत्र आनंद बल्लभ पांडे ने अपने ऊपर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। इसके बाद आग तेजी से भड़क उठी।

बुरी तरह झुलस गया छात्र

यह देख सबके हाथ-पांव फूल गए। आसपास के मकानों और टंकी के नीचे खड़े लोग चीखने-चिल्लाने लगे। फायर ब्रिगेड ने तत्काल पानी की बौछार कर आग बुझा दी, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था।

पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे उतारा और एंबुलेस सेराजकीय संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।

हालत गंभीर होने पर वहां से भी दिल्ली रेफर कर दिया गया। देर शाम डीआईजी जीएस मर्तोलिया और एसएसपी विम्मी सचदेवा ने रामनगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. प्रशांत कौशिक ने बताया कि रोहित 75 से 80 प्रतिशत जल गया है। उसके चेहरे, गले, सीना, पेट और जांघों पर जख्म हैं। उन्होंने हालत चिंताजनक बताई है।
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आग बुझाने में गुणवंत भी झुलसा

रोहित के आग लगाते ही टंकी पर चढ़े तीन अन्य कार्यकर्ता हतप्रभ रह गए। मिट्टी तेल से भीगे होने की वजह से उन्होंने रोहित को बचाने की हिम्मत नहीं जुटाई। दीप गुणवंत ने बचाने की कोशिश की तो उसके हाथ भी झुलस गए।

ब्लॉक प्रमुख समेत चार पर 309
घटना के बाद पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी पर आत्मदाह का प्रयास और उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही टंकी पर चढ़े दीप गुणवंत, तनुज दुर्गापाल और गोधन फर्त्याल पर भी धारा 309 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

आखिर कोतवाल को हटाने की जल्दी क्या थी : डीआईजी
आत्मदाह के प्रयास की घटना के बाद डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने रामनगर पहुंचकर स्थिति संभाली। पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने बताया कि मालधनचौड़ में बाइकें जलाने पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

छात्रों की मांग पर जांच अधिकारी बदल दिया गया। रहा सवाल कोतवाल को हटाने का तो इसमें इतनी जल्दी क्या थी। अगर कोतवाल पर संगीन आरोप होते तो तत्काल कार्यवाही की जा सकती थी, लेकिन उनके ऊपर कोई ऐसे आरोप नहीं है जिससे उन्हें तत्काल हटाया जाता।

जांच के बाद कार्रवाई हो सकती थी, लेकिन मंगलवार को मोहर्रम होने की वजह से हटाया नहीं जा सकता था। इसमें आंदोलनकारियों को संयम बरतना चाहिए था। खैर, इस दिशा में भी जांच कराई जाएगी।
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