दून रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद जहां तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यात्रियों को बढ़ा हुआ अतिरिक्त किराया भी देना होगा। पुनर्विकास योजना के तहत रेलवे बोर्ड जिन रेलवे स्टेशनों का विकास कर रहा है। उन स्टेशनों पर 10 से 50 रुपये तक स्टेशन डेवलपमेंट फीस (एसडीएफ) वसूल की जाएगी। हालांकि मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) धारकों को इस फीस का भुगतान नहीं करना होगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेल मंत्रालय की ओर से दून रेलवे स्टेशन समेत तमाम ऐसे रेलवे स्टेशन शामिल हैं। जहां यात्री सुविधाओं को विकसित करने के साथ ही उन्हें अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
आरएलडीए और एमडीडीए के बीच समझौता
रेलवे स्टेशन पर आधुनिकीकरण से जुड़ी योजनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को पूरा करने व यात्री सुविधाओं को विकसित करने की जिम्मेदारी रेल भूमि विकास निगम (आरएलडीए) और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमसीडीए) को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। योजना को धरातल पर उतारने को लेकर आरएलडीए और एमडीडीए के अधिकारियों के बीच समझौता भी हो चुका है।
फिलहाल योजना अभी अधर में लटकी
दून रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम 2019 में ही शुरू किया जाना था, लेकिन कोरोना संकट खड़ा हो जाने के चलते फिलहाल योजना अभी अधर में लटकी हुई है। ऐसे में रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अभी फिलहाल स्टेशन डेवलपमेंट फंड के तहत अतिरिक्त किराया वसूलने की दूर-दूर तक कोई गुंजाइश नहीं है। हालांकि भविष्य में दून रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद यात्रियों को अतिरिक्त किराए का भुगतान करना होगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो फीस टिकट बुक कराते समय किराए के रूप में ली जाएगी।