सरकार के हड़ताल पर गए फार्मासिस्टों की मांगें मानने के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल 15 दिन के लिए टाल दी है।
हड़ताल का डेढ़ माह से हल न निकाले जाने पर सरकार ने प्रमुख सचिव एस रामास्वामी से स्वास्थ्य विभाग का प्रभार हटा दिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों की जायज मांगों को माना जाएगा, लेकिन वह हड़ताल पर अड़े रहे तो कड़ी कार्यवाही होगी।
राज्य में 1511 फार्मासिस्ट और 199 लैब तकनीशियनों लगभग डेढ़ माह से कार्य बहिष्कार और फिर हड़ताल पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के सोमवार को फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और आशाओं के हड़ताल पर तुरंत कार्यवाही के निर्देश शासन देने के अगले दिन ही अधिकारी हरकत में आए।
15 दिन का समय
मंगलवार को हड़ताली कर्मचारियों और स्वास्थ्य मंत्री के बीच बैठक हुई, जिसका नतीजा यह रहा कि फार्मासिस्टों ने अपनी मांगे पूरी करने के लिए 15 दिन का समय सरकार को दिया है। डीजी हेल्थ डा. जीएस जोशी ने बताया कि फार्मासिस्ट एसोसिएशन का पत्र उन्हें मिल गया है कि कर्मचारियों ने हड़ताल को 15 दिन के लिए स्थगित किया है। लैब तकनीशियनों की तरफ से अभी कोई सूचना नहीं मिली है।
आशाओं की मांग मानी
आशाओं की वार्षिक पांच हजार का बोनस दोबारा मिलना शुरू होगा। वर्ष 2011-12 तक आशाओं को बोनस मिला, लेकिन दो वर्ष से बोनस नहीं मिलने से आशाओं ने कुछ दिन पहले आंदोलन छेड़ दिया था। आशाओं का विरोध बोनस घटाकर एक हजार रुपये वार्षिक करने का भी था।