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IAS अकादमी में 6 माह रही महिला जासूस

Wed, 01 Apr 2015 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में छह माह तक एक महिला फर्जी एसडीएम बनकर जासूसी करती रही और किसी को खबर तक नहीं हुई।
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अकादमी के एक आला अधिकारी के मौखिक निर्देशों के बाद अकादमी में दाखिल हुई महिला गार्ड रूम में रहती थी और अकादमी के कैंपस में लाइब्रेरी समेत अन्य जगहों पर आती-जाती थी। पहचान पत्र फर्जी होने के खुलासे के बाद महिला को आसानी से भागने दिया गया।

महिला के अकादमी से जाने के आठ दिन बाद सुरक्षा अधिकारी की तहरीर पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

सूत्रों के अनुसार, रूबी चौधरी पुत्री सत्यवीर सिंह निवासी कुतबी गांव मुजफ्फरनगर सितंबर 2014 में अकादमी में आई थी। तब रूबी ने प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई) नैनीताल से जारी पहचान पत्र दिखाया था, जिस पर उसे एसडीएम दर्शाया गया था।
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राष्ट्रपत‌ि समेत कई वीवीआईपी के हुए दौरे

बताया जा रहा है कि अकादमी के ही एक आला अधिकारी के कहने पर महिला को सुरक्षा गार्ड देव सिंह के कमरे में ठहराया गया। तब से लेकर मार्च तक महिला वहीं रही। इस दौरान अकादमी में राष्ट्रपति से लेकर अन्य वीवीआईपी के दौरे हुए।

बावजूद इसके सुरक्षा अधिकारियों को महिला पर शक नहीं हुआ। महिला अकादमी की उस लाइब्रेरी में भी बेरोकटोक जाती रही, जिसमें जाने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।

इस बीच अकादमी में महिला की मौजूदगी पर सवाल उठने लगे तो उसके आईकार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई तो उसका पहचान पत्र फर्जी पाया गया। 23 मार्च को जब मालूम हुआ कि महिला का पहचान पत्र फर्जी है तो उसे आनन-फानन में हटा दिया गया।

बताया जा रहा है कि उसके भगाने में सुरक्षा गार्ड देव सिंह की अहम भूमिका रही। यही वजह है कि देव सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। मंगलवार को सुरक्षा अधिकारी प्रशासन सत्यवीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसआई पवन भारद्वाज को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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जाने के आठ दिन बाद तहरीर, कई सवाल

महिला के पहचान पत्र फर्जी होने के खुलासे के आठ दिन बाद उसके खिलाफ तहरीर देना भी सवाल खड़े कर रहा है। आखिर सुरक्षा अधिकारियों ने उसी दिन पुलिस को क्यों जानकारी नहीं दी? महिला को आसानी से अकादमी से कैसे जाने दिया गया? जब महिला मसूरी छोड़ चुकी है तब तहरीर क्यों दी गई? यदि मामले का खुलासा होते ही पुलिस को तहरीर दी जाती तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता था।

किस अधिकारी की थी शह?
राष्ट्रीय अकादमी में फर्जी पहचान पत्र पर महिला का रहना वहां के सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठा रहा है। महिला गार्ड रूम में रही, बावजूद इसके जांच पड़ताल नहीं की गई। इसके अलावा वह आला अधिकारी कौन था, जिसकी शह पर महिला अकादमी में दाखिल हुई?
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