इस बार पवित्र कैलास मानसरोवर यात्रा एक नहीं दो रास्तों से होगी। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के अलावा अरुणाचल प्रदेश से होते हुए भी यात्रा होगी। हालांकि अरुणाचल के मुकाबले उत्तराखंड से प्रति व्यक्ति यात्रा 20 हजार रुपए सस्ती होगी। दोनों मार्गों से 1330 यात्री मानसरोवर पहुंचेंगे।
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कैलास यात्रा को सुगम बनाने के लिए गाला और सिरखा यात्रा पड़ावों पर विशेष तरह के दो गर्म हट्स बनाए हैं। मार्ग में जहां तक संभव होगा, बसों से यात्रा कराई जाएगी।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी कैलास-मानसरोवर यात्रा के संभावित कार्यक्रम के मुताबिक कैलास यात्रियों का पहला जत्था आठ जून को दिल्ली में एकत्र होगा। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 12 जून को पहला जत्था दिल्ली से बस के जरिए गाजियाबाद, काठगोदाम होते हुए अल्मोड़ा आएगा।
उत्तराखंड से सस्ती होगी कैलास मानसरोवर यात्रा
केएमवीएन अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड से होने वाली यात्रा अरुणाचल प्रदेश से होने जा रही यात्रा से सस्ती होगी।अरुणाचल से एक लाख 70 हजार रुपए और उत्तराखंड से एक लाख 50 हजार रुपए का खर्चा आएगा।
जिन यात्रियों को उत्तराखंड से यात्रा करनी है, वह विदेश मंत्रालय की वेबसाइट केएमवाई डॉट जीओवी डॉट इन पर 10 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
वरिष्ठ प्रबंधक साहसिक पर्यटन डीके शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड से 18 यात्री दल जाएंगे। इनमें 60 से 69 यात्री प्रति जत्थे में होंगे। इस मार्ग से करीब 1080 यात्री यात्रा कर सकेंगे।
कैलास यात्रा पर जाने वाला आखिरी 18वां जत्था नौ सितंबर को दिल्ली लौटेगा। निगम यात्रियों के लिए स्वादिष्ट कुमाऊंनी व्यंजनों के अलावा अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था कर रहा है।
इस बार यात्रियों के लिए हिमालयी क्षेत्र के लिए मुफीद गर्म रहने वाले हट्स बनाए गए हैं। एक टीम रैकी के लिए गाला और सिरखा गई है, जो व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगी। अन्य पड़ावों में अभी बर्फ जमी है। बर्फ गलने के बाद अप्रैल में उन पड़ावों की रैकी के लिए टीम भेजी जाएगी। अभी कितने यात्रियों का पंजीकरण हुआ है, इसकी डिटेल नहीं आई है। अभी आवेदन का क्रम जारी है, लेकिन यह तय है कि इस बार हर जत्थे में कम से कम 60 यात्री होंगे।
- डीके शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक साहसिक पर्यटन केएमवीएन
अरुणाचल से पांच दल करेंगे कैलास यात्रा
अरुणाचल प्रदेश से मात्र पांच जत्थे यात्रा पर जा सकेंगे। इनमें प्रति यात्री दल में 50-50 यात्री होंगे। वहां से 250 यात्री ही कैलास मानसरोवर की यात्रा करेंगे। अरुणाचल से यात्रा 23 दिन में पूरी होगी, जबकि उत्तराखंड से 25 दिन लगेंगे।