केदारनाथ आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए एक शिवभक्त केदारनाथ मंदिर परिसर में एक विशाल और विशेष आकृति का त्रिशूल स्थापित करेगा। शिवभक्त इस त्रिशूल को लेकर केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गया है।
उज्जैन से चला है त्रिशूल
शिवभक्त बलवीर सिंह पंवार ने बताया कि इस त्रिशूल को उन्होंने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के समीप बहने वाली शिप्रा नदी में जलाभिषेक करवाया है।
इसके अलावा हरिद्वार में भी त्रिशूल का जलाभिषेक किया गया। उन्होंने बताया कि महाकाल को कालों का काल कहा जाता है, इसलिए उन्होंने महाकाल मंदिर के समीप धार्मिक परंपराओं के साथ त्रिशूल का जलाभिषेक करवाया।
त्रिशूल में तीन बार है ऊं
पंवार ने बताया कि इससे पहले वह इसी आकृति का त्रिशूल महाकाल मंदिर में भी समर्पित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 13 बार बाबा अमरनाथ मंदिर की यात्रा की है।
इस बार भी वह यात्रा में इसी त्रिशूल को लेकर गए थे। इस त्रिशूल में शेषनाग, डमरु और ऊं की आकृति एक साथ बनाई गई है। त्रिशूल में ऊं की आकृति तीन बार बनाई गई है।