अगर आप दून अस्पताल, कोरोनेशन, गांधी शताब्दी जैसे सरकारी अस्पताल या किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं तो सावधानी बरतें। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने लगे हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण की अनदेखी कर रहे हैं। पर्चा बनवाने से लेकर मरीज और तीमारदार लंबी कतारों में बिना सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
दून अस्पताल में मंगलवार को पर्चा काउंटर और ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत का कहना है कि अस्पताल आ रहे मरीजों और तीमारदारों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन का पालन अपने स्तर पर करने को कहा जा रहा है।
गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल में भी कमोबेश यही स्थिति रही। यहां भी पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के प्रति मरीज और तीमारदार गंभीर नहीं दिखे। कई मरीज और तीमारदार बिना मास्क के ही पहुंचे थे।
कोरोनेशन अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिखा जंगपांगी का कहना है कि अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों को गेट पर तैनात किया गया है जो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करा रहे हैं। कोरोनेशन, गांधी शताब्दी में भी कमोबेश यही नजारा दिखा।
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यदि सरकारी और निजी अस्पतालों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन नहीं सुनिश्चित किया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। इसकी जांच कराई जाएगी और यदि कहीं कोरोना गाइडलाइन या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा तो संबंधित अस्पतालों के अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी