बीते साल कोरोना के चलते त्योहारों की खुशी फीकी रही, लेकिन साथ ही इस बुरे दौर ने रिश्ते नातों से हमारे प्रेम को और भी गहरा किया है। यही वजह रही कि इस बार भाई-बहन भी रक्षाबंधन को लेकर बेहद उत्साहित रहे। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा करवाया तो भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर रक्षा का वचन दिया। त्योहार को लेकर शहर में भी दिनभर चहल-पहल रही।
रविवार को भद्राकाल नहीं होने से भाई-बहनों को दिनभर राखी के लिए समय मिला। बहनों ने तिलक लगाकर भाई की आरती उतारी। इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांध रक्षा का वचन लिया। वहीं भाइयों ने भी उपहार देकर बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। बीते साल कोरोना के चलते कई भाई-बहनों को दूर रहकर वर्चुअल माध्यम से यह त्योहार मनाना पड़ा था। कोरोना के कारण बीते वर्ष कई भाई-बहनों को रक्षाबंधन पर अलग रहना पड़ा।
शायद यही वजह रही कि इस बार बहनों ने भाई के हाथ में स्वयं राखी बांधने का मौका नहीं छोड़ा। भाई को राखी बांधने के लिए बहनें सुबह ही घर से निकल पड़ी। इस दौरान उन्हें घंटों कारण सड़कों पर भारी जाम रहा। इस दौरान लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए खासा इंतजार करना पड़ा। जाम में भी कई लोग फंसे रहे।
पहली बार भाई से रही थी दूर, इस बार तो मिलने की ठानी थी
देहरादून में केनाल रोड निवासी मोनिका बीते साल कोविड की वजह से अपने भाई को राखी बांधने नहीं पहुंच पाई थी, लेकिन इस बार वह पंद्रह दिन पहले ही रक्षाबंधन के लिए घर पहुंच गई। मोनिका ने बताया कि बीते साल वह कोरोना लॉकडाउन के कारण रक्षाबंधन पर घर नहीं आई थी। उस दिन को वह अपना सबसे खराब दिन समझती है। क्योंकि वह अपने भाई को राखी नहीं बांध पाई। बताया कि इस बार मैंने हर हाल में राखी पर भाई के पास पहुंचने की ठानी थी। इसलिए 15 दिन पहले ही पहुंच गई। यह मेरा सबसे स्पेशल रक्षाबंधन रहा है। मेरा भाई मुझसे छोटा है। मैं उससे बहुत प्यार करती हूं।