देहरादून शहर क्षेत्र के तीन और नशा मुक्ति केंद्रों में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इन केंद्रों में भर्ती युवतियों ने एक अधिकारी को आपबीती बताई है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इन नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्र में दुष्कर्म और छेड़खानी की घटना के बाद हड़कंप मचा हुआ है। लड़कियों के यहां से भागने से पहले वहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण(डीएलएसए) ने भी जांच की थी। उन्हें भी लड़कियों ने आपबीती बताई थी। इसके बाद उन्हें डीएलएसए का सहयोग मिला, जिसके बाद वह खुलकर सामने आई। डीएलएसए की टीम लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है। इन्हें विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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इधर, अब तीन और नशा मुक्ति केंद्रों में इन तरह की घटनाएं होने की जानकारी मिली है। इसके लिए एक अधिकारी अपने स्तर से जांच करने में जुट गए हैं। उन्होंने कई लड़कियों को बुलाकर उनसे बात भी की है। फिलहाल, लड़कियों ने खुलकर नहीं लेकिन इन सब बातों का जिक्र जरूर किया है। सूत्रों के अनुसार इन सब बातों में ही मुकदमा दर्ज कराने के पर्याप्त आधार हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द मुकदमा दर्ज होने के बाद इन्हें सील किया जा सकता है।
आधे केंद्र कागजों में
पिछले दिनों जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इन नशा मुक्ति केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया था। इनमें से कई जगह लड़के और लड़कियों को एक साथ रखा गया था। इनके बारे में भी एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। इस दौरान पता चला था कि आधे से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र तो सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहे हैं। समितियां रजिस्टर्ड तो हैं, लेकिन वहां पर कोई भी भर्ती नहीं मिला। प्राधिकरण को बताया गया था कि अभी उन्होंने केंद्र की शुरूआत ही नहीं की।
पुलिस करेगी नशा मुक्ति केंद्र का सत्यापन
पुलिस ने भी नशा मुक्ति केंद्रों के सत्यापन के लिए कमर कस ली है। सोमवार को एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने सभी थाना प्रभारियों को केंद्रों के सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसमें वहां भर्ती होने वाले लोगों की स्थिति भी जांची जाएगी। साथ ही रहन-सहन की व्यवस्था कैसी है, वहां कोई डॉक्टर आता है या नहीं, साइकोलॉजिस्ट के विजिट के क्या प्रबंध हैं? इन सब बातों को देखा जाएगा। उन्होंने शुरूआती पड़ताल की जल्द से जल्द रिपोर्ट थानों से मांगी है।