देहरादून। कैंट क्षेत्र देहरादून और क्लेमेंटटाउन में सीवर लाइन की योजना प्रस्तावों तक ही सिमट गई है। बजट की कमी के कारण इन्हें रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल पा रही है।
दरअसल, दून के नगर निगम क्षेत्र में अधिकांश जगह सीवर लाइन बिछ चुकी है। इसको देखते हुए कैंट क्षेत्रों में भी सीवर लाइन की कई साल से उठ रही है। कैंट बोर्डों की बैठक में कई बार सीवर लाइन प्रोजेक्ट के प्रस्ताव कई बार पास हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट सिर्फ प्रस्ताव ही बनकर रह गए हैं। कैंट देहरादून में जरुर सीवर ट्रीटमेंट के प्रस्ताव को पीडी ऑफिस से सैद्धांतिक सहमति जरूर मिली है, लेकिन यह प्रस्ताव भी पीडी ऑफिस से आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं कैंट क्लेमेंटटाउन की ओर से भी 130 करोड़ का प्रस्ताव पीडी ऑफिस भेजा गया है। लागत ज्यादा होने के कारण प्रस्ताव लौटा दिया गया है। अब क्लेमेंटटाउन बोर्ड राज्य सरकार के एडीबी प्रोजेक्ट के सहारे है। कैंट बोर्ड एडीबी प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के बनने का इंतजार कर रहा है। ऐसे में जब तक प्रस्तावों पर रक्षा मंत्रालय की मुहर नहीं लग जाती, तब तक कैंट क्षेत्रों में सीवर लाइन का सपना धरातल पर नहीं सकता है। दोनों कैंटों के सीईओ का भी कहना है कि अपने संसाधनों से तो सीवर लाइन का प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतारा जा सकता है। लिहाजा, वह भी बजट का इंतजार में हैं। सीईओ क्लेमेंटटाउन अभिषेक राठौर और सीईओ देहरादून तनु जैन ने कहा कि योजना के लिए बजट की मंजूरी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।