उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कॉलेज को राजकीय महाविद्यालय का दर्जा प्राप्त हो गया है। राज्य कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आए इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा चार अन्य प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में दिन में 11 बजे राज्य कैबिनेट की बैठक शुरू हुई, जो करीब डेढ़ घंटे चली। बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि पौड़ी के यमकेश्वर में गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय को सरकार ने राजकीय महाविद्यालय का दर्जा दिया है। अब तक ये विश्वविद्यालय अनुदानिक था। इसके अलावा उत्तराखंड साहूकारी विनियमन नियावली तैयार किए जाने को मंजूरी दी गई। यह कवायद राज्य में सूदखोरों पर नियंत्रण के मकदस से की गई है।
इसके अतिरिक्त रुद्रपुर में 21 दिसंबर 2010 को वाणिज्य कर अधिकारी से हुई चार लाख रुपए की लूट की रकम की भरपाई राज्य सरकार द्वारा किए जाने का फैसला भी हुआ है। यह रकम 11 विभागीय कर्मचारियों के छठवें वेतन आयोग के एरियर की थी। लूट की घटना पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, मगर मुलजिम न पकडे़ जाने के चलते रिकवरी नहीं हो सकी। ऐसे में इन 11 कर्मचारियों का एरियर तबसे अटका हुआ है। अब सरकार ने एरियर का यह पैसा कर्मचारियों को अपने पास से देने का निर्णय लिया है।
गृह विभाग के एक प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी, जिसमें उत्तराखंड महिला जेल बंदी के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की बात कही गई है। अभी तक नियुक्ति प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के सौ नंबर होते थे, जबकि शारीरिक परीक्षा के लिए कोई विशिष्ट मानक नहीं थे। परंतु कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिखित और शारीरिक परीक्षा 100-100 अंकों की होगी। गृह विभाग ने तर्क दिया है कि जेल में अनुशासन बनाए रखने के लिए शारीरिक रूप से मजबूत बंदी रक्षकों का होना आवश्यक है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के विपणन शाखा में उप मुख्य विपणन अधिकारी का पद श्रृजित किए जाने का भी प्रस्ताव बैठक में मंजूर किया गया।