दून अस्पताल की न्यू ओपीडी में सर्वर डाउन होने से रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगी लोगों की भीड़।
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देहरादून। राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में सोमवार को सर्वर की चाल धीमी होने से मरीज और तीमारदार बेहाल रहे। मरीजों को ओपीडी पर्चा बनाने से लेकर बिल भुगतान करने तक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इस कारण कई मरीज डॉक्टर से चेकअप भी नहीं करा पाए। वहीं, कई मरीजों को बिना पैथॉलॉजी, रेडियोलॉजी व अन्य जरूरी जांच कराए बिना मायूस होकर लौटना पड़ा।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में सोमवार सुबह आठ बजे पंजीकरण शुरू होते ही सर्वर खराब हो गया। इससे पर्चा बनाने में दिक्कता होने लगी और काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग गई। इसे लेकर मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारियों ने किसी तरह मरीजों को समझाने का प्रयास किया। जिस पर मरीज कुछ देर शांत होकर सर्वर ठीक होने का इंतजार करने लगे। दोपहर लगभग 12 बजे सर्वर ने कार्य करना तो शुरू किया पर चाल धीमी रही। एक-एक पर्चा बनने में पांच से 10 मिनट का वक्त लगा। इससे अपराह्न डेढ़ बजे तक भी पंजीकरण काउंटर पर पर्चा बनाने के लिए मरीजों में धक्कामुक्की होती रही। आमतौर पर दोपहर 12.30 बजे तक ओपीडी के ज्यादातर पर्चे बनाने का काम पूरा हो जाता है। पहले सर्वर खराब होने और फिर सुस्त चाल की वजह से मरीज में काफी आक्रोश दिखा। कुछ लोग व्यवस्था खराब होने की बात कहकर डॉक्टर को दिखाए बिना अस्पताल से चले गए।
नहीं हो पाई जांच
ओपीडी पर्चे न बनने से जहां कई लोग इलाज नहीं करा पाए, वहीं सर्वर सुस्त होने से बिलिंग में भी देरी के चलते मरीजों को समस्या हुई। इसके कारण भी कई मरीज एक्सरे, सीटी स्कैन, पैथॉलॉजी व तमाम अन्य जांच कराए बिना लौट गए। इनमें से कई मरीजों ने मजबूरी में निजी अस्पतालों और केंद्रों पर जांच कराई।
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सोमवार सुबह ओपीडी काउंटर खुलते ही सर्वर में कोई दिक्कत आई थी। इस वजह से सुबह कुछ देर पंजीकरण का कार्य मैन्युअली किया गया। जिन मरीजों के पास 15 दिन पुराने पर्चे थे, उन्हें भी मान्य करते हुए डॉक्टरों को दिखाने के लिए कहा गया। बाद में दिक्कत को ठीक कर लिया गया और पर्चे बनने शुरू हो गए। डॉक्टरों को भी निर्देश दिए गए थे कि वह सभी मरीज देखने के बाद ही अस्पताल छोड़ें। इसलिए सोमवार को लगभग 2:30 बजे तक ओपीडी में मरीज देखे गए हैैं।
-डॉ. केसी पंत, चिकित्सा अधीक्षक, दून मेडिकल अस्पताल