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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग अपराध है तो बार-बार करेंगे- प्रवीण काशी

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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए संघर्षरत आंदोलनकारी प्रवीण सिंह काशी ने जेल जाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वह तब तक जेल में रहेंगे, जब तक गैरसैंण उत्तराखंड की स्थायी राजधानी नहीं बन जाती।
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सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में आंदोलनकारी प्रवीण सिंह काशी ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ, वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है। कहा कि यह पहाड़ी राज्य है। इसलिए इसकी राजधानी भी पहाड़ पर ही होनी चाहिए, लेकिन नेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए राजधानी दून में बना डाली। कहा कि 2018 में स्थायी राजधानी के लिए गैरसैंण स्थायी राजधानी समिति समेत विभिन्न संगठनों ने गैरसैंण में धरना प्रदर्शन किया था। पुलिस ने 40 आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 38 आंदोलनकारियों को जेल हुई थी। पांच दिन बाद सभी जमानत पर छूट गए थे। इसी संबंध में उन्हें भी समन मिला है और इसलिए वह 14 सितंबर को जेल जाएंगे। कहा कि अगर स्थायी राजधानी की मांग अपराध है, तो वह यह अपराध वह बार-बार करेंगे।
स्थायी राजधानी संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी पूरण सिंह नेगी ने कहा कि पहाड़ में मूल सुविधाएं तक नहीं हैं। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। स्कूलों में शिक्षक नहीं है। बेरोजगारी चरम पर हैं। सुविधाओं के लिए पहाड़ के लोग पलायन कर रहे हैं। इस दौरान पहाड़ी आर्मी के संयोजक हरीश रावत, पौड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष नमन चंदोला, गैरसैंण राजधानी अभियान के अध्यक्ष मदन भंडारी, उत्तराखंड किसान आंदोलन के नेता विपिन खन्ना ने भी प्रवीण सिंह के समर्थन की बात कही।
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