इस पद के लिए स्नातक में 80 फीसदी अंक वाले अभ्यर्थी को 21 अंक, 60 से अधिक और 80 से कम वाले को 19 अंक, 55 से अधिक और 60 से कम वाले को 16 एवं 45 प्रतिशत से अधिक व 55 प्रतिशत से कम अंक वाले अभ्यर्थी को 10 अंक मिलेंगे।
इसके अलावा पीएचडी अभ्यर्थी को 25 अंक मिलेंगे। कुल सचिव की नियुक्ति संबंधी मानक भी इसी के अनुसार समान रूप से सभी विश्वविद्यालय में लागू होंगे। इसके अलावा निजी विश्वविद्यालयों में भी नियुक्तियों के मानकों को लेकर मनमानी नहीं हो सकेगी।
यहां भी नियुक्तियों और मनमाने शुल्क पर रोक लगेगी। उच्च शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों में अंब्रेला एक्ट को लेकर अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है।
सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग अंब्रेला एक्ट का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि इसे कैबिनेट में लाए जाने के बाद लागू किया जाए।
- डा.धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री