एसडीआरएफ के जवान राजेंद्र नाथ ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट किलीमंजारों को फतह कर नया कीर्तिमान रचा है। राजेंद्र नाथ उत्तराखंड के ऐसे पहले जवान हैं जिन्होंने तीन दिन के अंतराल में माउंट को दो बार फतह करने का रिकार्ड बनाया है।
21 फरवरी को वाहिनी मुख्यालय जौलीग्रांट से सेनानायक एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा ने आरक्षी राजेंद्र नाथ को फ्लैग ऑफ किया था। 24 फरवरी को आरोहण के दौरान -10 डिग्री तापमान व 80-90 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं तथा लगातार हो रही बर्फबारी जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए एसडीआरएफ जवान राजेंद्र नाथ द्वारा लगातार 9 घंटे 16 किलोमीटर पैदल चलते हुए सारी बाधाओं को पार करते हुए शाम 5.20 बजे (अफ्रीकन समयानुसार 7 बजकर 50 मिनट) पर अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर तिरंगा व उत्तराखंड पुलिस का झंडा फहराया। जिसके बाद 26 फरवरी की रात 12 बजे राजेंद्र टीम के अन्य सदस्यों के साथ पुन: डबल समिट के लिए रवाना हुए। सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर माउंट किलिमंजारो पर तिरंगे के साथ-साथ एसडीआरएफ का ध्वज फहराकर उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया। राजेंद्र नाथ उत्तराखंड पुलिस के प्रथम जवान हैं जिसके द्वारा तीन दिवस के अंतराल में माउंट किलिमंजारो को दो बार सफल आरोहण का रिकार्ड बनाया है। सेनानायक मणिकांत मिश्रा ने आरक्षी राजेंद्र नाथ के इस नए कीर्तिमान की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।