क्षेत्र 2019 2020
लक्ष्य स्कोर रैकिंग स्कोर रैकिंग
शून्य गरीबी 64 07 74 07
कुपोषण मुक्त 45 10 61 08
बेहतर स्वास्थ्य 58 13 77 08
गुणवत्ता शिक्षा 66 07 70 04
लैंगिक समानता 38 11 46 13
स्वच्छ जल व स्वच्छता 90 05 85 11
किफायती ऊर्जा 78 09 100 01
आर्थिक विकास 73 06 36 08
उद्योग व बुनियादी सुविधाएं 55 11 56 10
असमानताओं में कमी 59 17 77 04
शहरी विकास 51 09 76 09
उपभोग व उत्पादन 50 14 82 06
जलवायु परिवर्तन 59 08 60 09
वन एवं पर्यावरण 95 05 64 13
कानून व्यवस्था 85 02 86 01
ओवर आल रैंकिंग 64 09 72 03
इन कार्यों से रैंकिंग में आया सुधार
नियोजन विभाग के सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस के जारी प्रेस बयान के मुताबिक जिला स्तरीय संकेतकों की नियमित समीक्षा के लिए डैशबोर्ड बनाया गया। त्रिस्तरीय पंचायतों में सतत लक्ष्यों को शामिल किया गया। इसके अलावा लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र, कारपोरेट, अकादमिक व शोध संस्थानों व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से प्रभावी भागीदारी की जा रही है।
रैंकिंग में आया सुधार पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। जनता से सरोकार के क्षेत्रों में सुधार बताता है कि सरकार ने कितनी संवेदनशीलता से काम किया है। आर्थिक विकास की रैंकिंग में गिरावट की कई वजह हैं। इसमें कोविड-19 महामारी बड़ी वजह है। इससे आबकारी, खनन, जीएसटी आदि से होने वाली आय को भारी नुकसान पहुंचा है।
- सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड शासन
हमने राज्य स्तर पर एसडीजी लक्ष्यों के संकेतक बनाएं थे। सभी जिलों में यूएनडीपी के साथ कार्यशालाएं कीं ताकि सिस्टम में काम करने वाले लोगों में एसडीजी लक्ष्यों को लेकर जागरूकता आए। इनका हमें बहुत फायदा मिला।
- मनीषा पंवार, अपर मुख्य सचिव, नियोजन