उत्तराखंड राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि देश और समाज का उत्थान करने के लिए वैज्ञानिक नजरिया व टेक्नोलॉजी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए लोगों की सहभागिता और ईमानदार कोशिश भी जरूरी है।
यूकॉस्ट और ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी की ओर से ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय 15वीं-16वीं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस के समापन समारोह में शुक्रवार को वह बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्नति करने के लिए स्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर अधिक निवेश करना पड़ेगा। विशिष्ट अतिथि वाडिया इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉ. बीआर अरोड़ा ने कहा कि संसाधनों का बेहतर उपयोग और समाज को आपदा से सुरक्षित करना बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञान को छात्रों और आम लोगों से जोड़ना होगा। भूकंप की पहले से भविष्यवाणी करने की तकनीक पर कार्य किया जा रहा है। आने वाले दशक में इसके अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं। उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूकॉस्ट) के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की प्रतिबद्धता के कारण राज्य आगे बढ़ रहा है।
ग्राफिक एरा के महानिदेशक डॉ. संजय जसोला ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जिंदगी का जरूरी हिस्सा होगी। कुलपति डॉ. एचएन नागराजा और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जे कुमार ने भी समारोह को संबोधित किया। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस में शोध और प्रस्तुतीकरण के लिए अलग-अलग वर्ग में 75 लोगों को अवार्ड दिए गए।
सिद्धार्थ और सुशांत को इनोवेटर ऑफ द ईयर अवार्ड
15वीं विज्ञान कांग्रेस का इनोवेटर ऑफ द ईयर अवार्ड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग देहरादून के सिद्धार्थ माधव को मिला। 16वीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस का इनोवेटर ऑफ द ईयर अवार्ड ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सुशांत शेखर ने जीता। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के केपी नौटियाल ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में देशभर से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों व उनके वैज्ञानिक समाधानों के साथ ही नई खोजों पर विस्तार से चर्चा की। तीन दिन के आयोजन में 550 शोध सार प्रस्तुत किए गए।