देश के विभिन्न शहरों से होते साइंस एक्सप्रेस बायोडायवर्सिटी स्पेशल ट्रेन मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उत्तराखंड के लालकुआं जंक्शन पहुंची।
प्रदर्शनी का उद्घाटन नगर पंचायत अध्यक्ष रामबाबू मिश्रा और कांग्रेस पीसीसी सदस्य हरेंद्र बोरा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
इसके बाद क्षेत्र के कई स्कूलों के बच्चों ने ट्रेन लगी विज्ञान प्रदर्शन का अवलोकन कर विभिन्न जानकारियां हासिल कीं। यह ट्रेन यहां चार दिनों तक रुकेगी, इसके बाद 29 अगस्त को शाहजहांपुर (यूपी) रवाना होगी।
15 कोच वाली इस स्पेशल ट्रेन के 14 कोचों में प्रदर्शनी लगाई गई है। एक कोच में प्रदर्शनी के अधिकारियों और अन्य स्टाफ के रहने की व्यवस्था की गई है।
लोगों में व्यापक जागरूकता पैदा करना मकसद
प्रदर्शनी में शामिल वन, पर्यावरण, जलवायु समेत वन्य जीव जंतुओं की विश्वस्तरीय जानकारियों को हासिल कर बच्चे काफी उत्साहित नजर आए।
प्रदर्शनी के प्रबंधक राघव पांडेय समेत अन्य स्टाफ कर्मियों ने विद्यार्थियों को प्रदर्शनी से संबंधित कई जानकारियां दीं।
प्रबंधक राघव पांडे ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य भारत की जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और उससे जुड़े विषयों पर लोगों में व्यापक जागरूकता पैदा करना है।
छोटे बच्चों के लिए ट्रेन में एक अलग से किड्स जोन कोच लगाया गया है। इसमें बच्चों की दिमागी कसरत के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाले खेल, विज्ञान और गणित के मॉडल्स शामिल हैं।
प्रदर्शनी की खासियत
साइंस प्रदर्शनी में भारत की जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन के अलावा प्रवासी पक्षी साइबेरियन के संरक्षण, गंगा को साफ करने वाले कछुओं, सबसे अधिक दूरी की उड़ान भरने वाले पक्षियों, साल में एक बार खिलने वाले उत्तराखंड का राजकीय पुष्प ब्रह्म कमल, बुरांश और मां नंदा देवी को भी जगह दी गई है।
प्रदर्शनी में जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारतीय संस्कृति और सभ्यता को करीब से दर्शाया गया है।
मंगलवार को दुनिया भर की जानकारी लेने के लिए लालकुंआ में कई स्कूलों छात्र-छात्राएं पहुंचे। उनके साथ आए शिक्षकों ने कहा कि यह ट्रेन खुद में कई सारी जरूरी जानकारियां समेटे हुए है।