इधर, जसपुर में रविवार को एसआईटी प्रभारी बीबी आर्य ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ गैर राज्यों में स्थित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत रहकर समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति प्राप्त करने के मामले की जांच की।
छात्र-छात्राओं ने टीम को बताया कि प्रमोद सैनी, सुधा रानी निवासी सूरजपुर, कपिल, अनुकूल चौहान, सत्येंद्र कुमार, दीपक कुमार निवासी टांडा, आशीष राज, सानू गाजी, दिग्विजय सिंह, सिंटू चौहान, चट्टान सिंह, प्रशांत कुमार, महिलाल, गजेंद्र सिंह निवासी जसपुर समेत इंडियन जीआरएफएस हिमाचल प्रदेश, राव मनोहर सिंह कॉलेज हरियाणा, यशवंत राव चौहान कॉलेज महाराष्ट्र, रावलाल कॉलेज गरबा हरियाणा के स्वामी, प्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारियों ने छात्रों के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए।
प्रवेश के जरिये छात्रवृत्ति आवंटित कराकर सरकार के लाखों रुपये हड़प लिए। इन संस्थानों और लोगों के खिलाफ एसआईटी ने केस दर्ज किया है। विवेचक ललित जोशी ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले के कोतवाली में सात मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। अब मुकदमों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।