पूछताछ में पता चला कि चारों यूपी के मुरादाबाद के रहने वाले हैं। आरोपी नेपाल के काठमांडू में पीतल का कारोबार करते है। वे पकड़ी गई करेंसी को अपना बता रहे हैं। बताया कि वे अपने मजदूरों का मेहनताना देने के लिए करेंसी मुरादाबाद ले जा रहे थे।
उन्होंने लंबे समय बाद नेपाल से लौटने की बात कही। एसएसबी 57 वीं वाहिनी के बनबसा स्थित ई कंपनी के कार्यवाहक कमांडर पुष्कर सिंह धामी (निरीक्षक) ने सितारगंज में उच्चाधिकारियों की ओर से जांच करने की जानकारी देते हुए आगे की कार्रवाई उनके संज्ञान में न होने की बात कही है।
उधर, सितारगंज स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क नहीं होने से आगे की कार्रवाई के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि एसएसबी की सूचना पर आयकर विभाग ने पकड़ी गई करेंसी जब्त कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। बता दें कि सीमा पर केवल 25 हजार की भारतीय करेंसी ही लाई व ले जाई जा सकती है। नेपाल को दो हजार, पांच सौ और दो सौ के नोट भी लाना ले जाना प्रतिबंधित है।